पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत, भाई ने उठाए सवाल

Update: 2026-08-09 16:02 GMT
Bangal बंगाल। पुलिस हिरासत में मृत TMC कार्यकर्ता बिरजू केओट की मौत को लेकर परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतक के भाई शंभू केओट ने पुलिस की कार्रवाई और परिवार को दी गई जानकारी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने बिरजू को हिरासत में लेने के बाद उसकी स्वास्थ्य स्थिति और मेडिकल रिपोर्ट के बारे में परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी। शंभू केओट के मुताबिक, पुलिस ने बिरजू को सुबह करीब 7 बजे पकड़ा था। इसके बाद उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि परिवार को मेडिकल रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं दी गई। भाई के अनुसार, बिरजू की तबीयत ठीक थी और उसे केवल थायराइड की समस्या थी।
उन्होंने बताया कि पुलिस बिरजू को रात करीब 11 बजे अदालत में लेकर गई और वहां से पांच दिन की रिमांड हासिल की गई। शंभू केओट का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान परिवार को पुलिस की ओर से उचित जानकारी नहीं दी गई। मृतक के भाई ने कहा कि परिवार को अगले दिन सुबह बिरजू के बारे में जानकारी मिली, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उसकी स्थिति के बारे में पहले से किसी को सूचित नहीं किया था। उन्होंने कहा कि परिवार को यह तक नहीं बताया गया कि हिरासत में बिरजू की हालत कैसी थी।
बिरजू केओट की पुलिस हिरासत में मौत के बाद घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिवार पुलिस की कार्रवाई और हिरासत के दौरान हुई घटनाओं की स्पष्ट जानकारी मांग रहा है। वहीं, मामले को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है।
परिवार का कहना है कि हिरासत में किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने या उसकी मौत होने की स्थिति में परिजनों को समय पर जानकारी मिलनी चाहिए। शंभू केओट ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस हिरासत में हुई मौत के कारणों और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मामले में मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह और हिरासत के दौरान हुई घटनाओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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