केंद्र सरकार की नीतियों और नए विश्वविद्यालय नियमों के खिलाफ हजारों लोगों का विरोध प्रदर्शन
देखे वीडियो
Madhya Pradesh मध्य प्रदेश। केंद्र सरकार की हालिया नीतिगत फैसलों और विश्वविद्यालयों से जुड़े नए नियमों के विरोध में उज्जैन में बुधवार को हजारों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध का मुख्य आकर्षण ‘मोबाइल लाइट मार्च’ रहा, जो शहर के प्रमुख टावर चौक से शुरू होकर शहीद पार्क तक निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, पुजारी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए कुछ फैसले और विश्वविद्यालयों में लागू किए गए नए नियम समाज के एक बड़े वर्ग के हितों के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि इन नीतियों से शैक्षणिक व्यवस्था में असंतुलन पैदा हो रहा है और परंपरागत सामाजिक ढांचे को भी नुकसान पहुंच रहा है।
मोबाइल लाइट मार्च के दौरान लोगों ने अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। पूरे मार्ग में “नीतियां वापस लो”, “शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ बंद करो” और “छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि यह मार्च प्रतीकात्मक रूप से सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए आयोजित किया गया है, ताकि उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जा सके। छात्रों ने विश्वविद्यालयों के नए नियमों को लेकर खास चिंता जताई। उनका कहना था कि इन नियमों से प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली और शैक्षणिक स्वायत्तता पर असर पड़ रहा है। छात्रों के अनुसार, नई व्यवस्था से योग्यता की बजाय अन्य मानकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे शिक्षा का स्तर प्रभावित हो सकता है।
मार्च में शामिल कई पुजारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि फैसले लेते समय समाज के सभी वर्गों से संवाद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों में परंपरागत समुदायों और उनकी चिंताओं को नजरअंदाज किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य किसी के खिलाफ नफरत फैलाना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना है। आयोजकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
प्रशासन की ओर से मार्च के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल पूरे रास्ते तैनात रहा और ट्रैफिक को भी वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया गया, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रदर्शन के अंत में शहीद पार्क में एक संक्षिप्त सभा भी आयोजित की गई, जहां वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि विवादित नीतियों और विश्वविद्यालय नियमों की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार संवाद के रास्ते पर नहीं आई तो यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।