मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को Amazon Retail India को अपने भिवंडी स्थित वेयरहाउस में रखी एक्सपायर हो चुकी खाद्य सामग्री को सूचीबद्ध कर नष्ट करने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि कंपनी यह प्रक्रिया फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की निगरानी में पूरी करेगी। यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक अदालत कंपनी की ओर से दायर याचिका पर मेरिट के आधार पर सुनवाई कर कोई अगला आदेश जारी नहीं करती।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की पीठ ने यह निर्देश Amazon Retail India की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। कंपनी ने अपने फूड लाइसेंस को रद्द किए जाने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इसी मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने वेयरहाउस में रखी एक्सपायर खाद्य सामग्री के निपटारे का मुद्दा भी आया।

FDA की निगरानी में होगी प्रक्रिया

हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार Amazon Retail India को भिवंडी वेयरहाउस में रखी एक्सपायर खाद्य सामग्री की सूची तैयार करनी होगी। इसके बाद इन उत्पादों को FDA की निगरानी में नष्ट किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि एक्सपायर खाद्य सामग्री दोबारा बाजार में न पहुंचे और उसका किसी भी तरह से उपभोग न हो।

अदालत ने इस व्यवस्था को फिलहाल अंतरिम तौर पर लागू किया है। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक हाई कोर्ट कंपनी की मुख्य याचिका पर मेरिट के आधार पर सुनवाई पूरी कर आगे का आदेश नहीं देता।

फूड लाइसेंस रद्द किए जाने को चुनौती

Amazon Retail India ने अपने फूड लाइसेंस को रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया है। कंपनी की याचिका में लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई को चुनौती दी गई है। इस मामले में अदालत संबंधित पक्षों की दलीलें सुनकर आगे फैसला करेगी।

लाइसेंस से जुड़े विवाद के बीच वेयरहाउस में रखे खाद्य उत्पादों की स्थिति भी महत्वपूर्ण हो गई थी। एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पादों को लंबे समय तक स्टोर करके रखना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं माना जाता। ऐसे में कोर्ट ने इनके निपटारे के लिए स्पष्ट व्यवस्था तय की है।

खाद्य सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश

अदालत का यह निर्देश खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। एक्सपायर खाद्य सामग्री के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए ऐसे उत्पादों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करना आवश्यक होता है।

FDA की निगरानी में उत्पादों को नष्ट करने का निर्देश यह सुनिश्चित करेगा कि पूरी प्रक्रिया नियामकीय मानकों के अनुसार हो। कंपनी को पहले सभी एक्सपायर उत्पादों का रिकॉर्ड तैयार करना होगा। सूची तैयार होने के बाद संबंधित अधिकारियों की निगरानी में उन्हें नष्ट किया जाएगा।

वेयरहाउस में रखे उत्पादों का होगा सत्यापन

अदालत की व्यवस्था के तहत उत्पादों की सूची तैयार करना पहला महत्वपूर्ण कदम होगा। इसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि वेयरहाउस में कौन-कौन से खाद्य उत्पाद एक्सपायर हो चुके हैं। इसके बाद FDA के अधिकारियों की मौजूदगी में इनकी जांच और निपटारे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इससे एक्सपायर उत्पादों की संख्या और उनके प्रकार का रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा। नियामकीय एजेंसी की निगरानी में निपटारा होने से प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

अंतरिम व्यवस्था, अंतिम फैसला बाकी

हाई कोर्ट ने फिलहाल केवल एक्सपायर खाद्य सामग्री के निपटारे को लेकर व्यवस्था दी है। Amazon Retail India के फूड लाइसेंस को रद्द किए जाने के मामले में अदालत ने अभी अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। कंपनी की याचिका पर मेरिट के आधार पर सुनवाई आगे जारी रहेगी।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि एक्सपायर सामान को नष्ट करने की अनुमति वाली व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक याचिका पर आगे कोई आदेश नहीं दिया जाता। यानी इस निर्देश का संबंध तत्काल वेयरहाउस में रखे एक्सपायर खाद्य उत्पादों के सुरक्षित निपटारे से है।

ऑनलाइन खाद्य कारोबार के लिए भी महत्वपूर्ण मामला

Amazon Retail India से जुड़ा यह मामला ऑनलाइन और संगठित खाद्य कारोबार में नियामकीय अनुपालन के महत्व को भी सामने लाता है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए खाद्य सामग्री की बिक्री बढ़ने के साथ उत्पादों की गुणवत्ता, एक्सपायरी डेट, भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर नियामकीय निगरानी भी महत्वपूर्ण हो गई है।

वेयरहाउस में बड़ी मात्रा में खाद्य उत्पाद रखे जाते हैं। ऐसे में एक्सपायर उत्पादों की पहचान और उनके सुरक्षित निपटारे के लिए स्पष्ट व्यवस्था जरूरी होती है। कोर्ट की ओर से FDA की निगरानी में उत्पादों को नष्ट करने का निर्देश इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

अब आगे क्या होगा

अब Amazon Retail India को कोर्ट के निर्देश के अनुसार भिवंडी वेयरहाउस में रखी एक्सपायर खाद्य सामग्री की सूची तैयार करनी होगी। इसके बाद FDA की निगरानी में इन उत्पादों को नष्ट किया जाएगा। दूसरी ओर कंपनी की फूड लाइसेंस से जुड़ी याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी।

अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कंपनी के फूड लाइसेंस को रद्द किए जाने की कार्रवाई के संबंध में क्या फैसला होता है। फिलहाल हाई कोर्ट के अंतरिम निर्देश के कारण एक्सपायर खाद्य सामग्री के सुरक्षित निपटारे का रास्ता साफ हो गया है।

बॉम्बे हाई कोर्ट का यह आदेश एक ओर जहां कंपनी को अपने वेयरहाउस में रखे एक्सपायर उत्पादों को नष्ट करने की अनुमति देता है, वहीं FDA की निगरानी के जरिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर देता है। अब मामले की अगली सुनवाई में कंपनी की मुख्य याचिका और लाइसेंस विवाद पर अदालत की आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।

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