पहली वाली को छोड़ दूसरी महिला को पत्नी मानता था युवक, कानूनी लड़ाई में पीड़िता को मिला न्याय
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अधिवक्ता के मुताबिक पनकी निवासी बेबी का विवाह मंधना के शटरिंग कारोबारी सुनील संग 13 मई 1989 को हुआ था। पिता की ओर से उपहार आदि देकर विदा किया था। दोनों के एक पुत्र पैदा हुआ। बेबी ने आरोप लगाया कि कुछ दिन सब ठीक चलने के बाद ससुराल वाले प्रताड़ित करने लगे। कम दहेज का भी ताना दिया गया। पांच जनवरी 1995 को पति ने बेटे कुलदीप संग घर से बाहर निकाल दिया।
अधिवक्ता के मुताबिक बेबी ने गुजारा भत्ता दिलाए जाने का आवेदन वर्ष 2011 में किया जो उनके न पहुंचने पर 7 जनवरी 2012 को खारिज हो गया। जिसके बाद 2016 को बेबी ने पुन: गुजारा भत्ता वाद दाखिल किया। अधिवक्ता के मुताबिक सुनील ने बेबी से शादी के कुछ समय बाद एक और शादी की और उसके साथ रहने लगा। उसकी यह स्थिति देखकर सुनील के पिता ने बेबी को रहने के लिए अलग से कमरा दिया था जिसमें वह गुजर-बसर करती रही। वर्ष 2011 में वहां से भी उसे निकाल दिया।