आपदाओं से दो-दो हाथ की तैयारी कर रही प्रदेश सरकार

Update: 2026-06-02 10:45 GMT
Shimla. शिमला। प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं और इनसे उत्पन्न गंभीर खतरों को ध्यान में रखते हुए जन सुरक्षा एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार सक्षम और प्रतिरोधी अधोसरंचना के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। इस क्रम में सरकार ने 2,688 करोड़ रुपए की हिमाचल प्रदेश रेजिलिएंट एक्शन फॉर डिवेलपमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी (एचपी-रेडी) परियोजना शुरू की है। इसका उद्देश्य प्रदेशभर में आपदा-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है। यह परियोजना जनवरी, 2026 से नवंबर, 2030 तक लागू की जाएगी और इसमें आपदा से निपटने की तैयारी, आपदा न्यूनीकरण तथा पुनर्वास तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ग्लोबल वार्मिंग के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से हिमाचल प्रदेश
सर्वाधिक प्रभावित है।


पिछले तीन वर्षों में राज्य में 66 से अधिक बादल फटने की घटनाएं, 234 भूस्खलन और 121 फ्लैश फ्लड की घटनाएं दर्ज की गई हैं। एचपी-रेडी परियोजना के तहत आपदा प्रभावित सार्वजनिक अधोसंरचना जैसे परिवहन नेटवर्क, पेयजल योजनाएं, स्वच्छता प्रणालियां तथा विद्युत अवसंरचना इत्यादि को पुनस्र्थापित और सुदृढ़ किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य आजीविका और रोजगार के अवसरों को सृजित करना तथा आपदा जोखिम वित्तपोषण और इंश्योरेंस के लिए एक व्यापक प्रणाली विकसित करना है। इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत संस्थागत क्षमता निर्माण और मजबूत वित्तीय तंत्र को विकसित करने पर भी बल दिया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने, आपदा-रोधी अवसंरचना के निर्माण एवं प्रोत्साहन, वैज्ञानिक भू-उपयोग योजना अपनाने तथा तकनीक, पारंपरिक ज्ञान और विभिन्न विभागों के समन्वय के माध्यम से सामुदायिक तैयारी को बेहतर बनाने पर बल दिया जाएगा।
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