Patna. पटना। बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक भर्ती से जुड़ी मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच छह साल का एक बच्चा आकर्षण का केंद्र बन गया। पहली कक्षा में पढ़ने वाला आदित्य अपनी मां के साथ हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन में पहुंचा और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के समर्थन में आवाज उठाने लगा। बच्चे ने छात्रों के लिए रोजगार की मांग करते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से इस्तीफा देने की बात कही। प्रदर्शन के बीच स्थिति तनावपूर्ण होने पर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बच्चे को वहां से अपने साथ ले गए।
पटना में मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं टीआरई-4 शिक्षक भर्ती में एकल परीक्षा आयोजित करने और निगेटिव मार्किंग हटाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर उतरे थे। प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से जुलूस के रूप में मुख्यमंत्री आवास की तरफ आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए रास्ते में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। इस प्रदर्शन के दौरान डाकबंगला चौराहे पर आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी कई प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे। पुलिस ने कुछ छात्र नेताओं और आंदोलनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया। तनावपूर्ण स्थिति के बीच छह वर्षीय आदित्य भी पोस्टर लेकर प्रदर्शनकारियों के साथ दिखाई दिया।
आदित्य ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार को छात्र-छात्राओं के लिए नौकरी और रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए। उसने कहा कि वह अभी पढ़ाई कर रहा है, लेकिन बड़ा होने के बाद उसे भी नौकरी की जरूरत पड़ेगी। बच्चे ने सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने की अपील की। इसके साथ ही उसने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से इस्तीफा देने की मांग भी कर दी। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, आदित्य पहली कक्षा का छात्र है और प्रदर्शन में अपनी मां के साथ पहुंचा था। छोटी उम्र के बच्चे को आंदोलनकारियों की भीड़ और बड़ी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच देखकर वहां मौजूद लोगों का ध्यान उसकी ओर चला गया। आदित्य का पोस्टर लेकर छात्रों के समर्थन में नारे लगाना और शिक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।
उसके वीडियो को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा रहा है। हालात को देखते हुए पुलिस टीम आदित्य को प्रदर्शन स्थल से अपने साथ ले गई। सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग दावे किए गए, हालांकि बच्चे को औपचारिक रूप से हिरासत में लिए जाने या उसके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई किए जाने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की कार्रवाई को भीड़ और तनावपूर्ण परिस्थिति के बीच बच्चे को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के रूप में देखा जा रहा है। छात्रों का कहना था कि शिक्षक भर्ती से संबंधित उनकी मांगों पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, एकल परीक्षा आयोजित करने और निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था हटाने की मांग उठाई। इस आंदोलन के बीच छह साल के आदित्य की मौजूदगी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।