फूड सेफ्टी जांच में खुली पोल मुंबई के पांच बड़े होटलों पर बड़ी कार्रवाई
मुंबई के रेस्तरां फूड सेफ्टी ऑडिट
मुंबई: मुंबई में खाद्य सुरक्षा को लेकर की गई जांच में कई रेस्तरां और होटलों में गंभीर खामियां सामने आई हैं। फूड सेफ्टी ऑडिट के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं मिलने के बाद पांच बड़े होटलों और रेस्तरां के फूड लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। कार्रवाई के बाद होटल और रेस्तरां संचालकों में हड़कंप मच गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच के दौरान प्रतिष्ठानों की रसोई, खाद्य सामग्री के भंडारण, साफ-सफाई और खाना तैयार करने की व्यवस्था को परखा गया। ऑडिट में कई जगहों पर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियमों के पालन में कमियां मिलने की बात सामने आई। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
फूड सेफ्टी से जुड़े नियमों के तहत होटल और रेस्तरां संचालकों के लिए रसोई में स्वच्छता बनाए रखना, खाने की सामग्री का सुरक्षित भंडारण करना और ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके अलावा कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य पदार्थों को तय मानकों के अनुसार रखने पर भी विशेष ध्यान देना होता है। जांच में सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई की। लाइसेंस निलंबित होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को नियमों के मुताबिक जरूरी सुधार करने होंगे। खामियां दूर होने और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही आगे संचालन को लेकर फैसला किया जा सकता है।
मुंबई जैसे महानगर में प्रतिदिन लाखों लोग होटल और रेस्तरां में भोजन करते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर प्रतिष्ठानों की जांच करता है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नोटिस, जुर्माना या लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद दूसरे होटल और रेस्तरां संचालकों को भी खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने का संदेश मिला है। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। फूड सेफ्टी ऑडिट में सामने आई कमियों के बाद अब संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधारात्मक कदम उठाने होंगे। खाद्य सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद ही उनके लाइसेंस की स्थिति पर आगे निर्णय लिया जाएगा।