रक्षा मंत्री से मिले नए सीडीएस और नौसेना प्रमुख, सैन्य नेतृत्व के नए दौर की शुरुआत
नई दिल्ली: हाल ही में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का दायित्व संभालने वाले जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणी और भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की है।
गौरतलब है कि यह दोनों शीर्ष सैन्य नियुक्तियां ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बनाने, तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता बढ़ाने और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणी ने 31 मई को देश के सर्वोच्च सैन्य पदों में से एक, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का कार्यभार संभाला है। यह पद तीनों सेनाओं यानी थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और संयुक्त सैन्य रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
सीडीएस के पास चार दशक से अधिक का सैन्य अनुभव है और उन्होंने देश के विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। सीडीएस बनने के बाद मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से यह उनकी पहली औपचारिक मुलाकात रही। सीडीएस के रूप में जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणी की प्राथमिकताओं में सैन्य आधुनिकीकरण, नई तकनीकों का समावेश, भविष्य के युद्धक्षेत्रों के अनुरूप तैयारी, संयुक्त थिएटर कमांड की दिशा में प्रगति तथा स्वदेशी रक्षा प्रणालियों को बढ़ावा देना शामिल माना जा रहा है। ऐसे में रक्षा मंत्री के साथ उनकी यह पहली मुलाकात आने वाले समय की रणनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दूसरी ओर, भारतीय नौसेना के नए प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने भी मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने भी 31 मई को नौसेना प्रमुख का पदभार संभाला है। नौसेना में लंबे और विविध अनुभव के साथ, उन्होंने कई महत्वपूर्ण समुद्री अभियानों, परिचालन जिम्मेदारियों और रणनीतिक नियुक्तियों में अपनी भूमिका निभाई है। वह भारतीय नौसेना के 27वें नौसेना प्रमुख बने हैं। बतौर नौसेना प्रमुख, उनकी भी रक्षा मंत्री से यह पहली आधिकारिक मुलाकात है।
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को 01 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था। कार्यभार संभालने के बाद एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने कहा था कि वे विनम्रता, गर्व, जिम्मेदारी और कृतज्ञता की भावना के साथ यह दायित्व ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस पद के लिए चुना जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और सौभाग्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय नौसेना राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर समय सतर्क और तैयार रहेगी।