प्रश्नपत्रों में बढ़ेगा कठिन सवालों का स्तर, परीक्षा प्रणाली में कई क्रांतिकारी बदलाव

Update: 2026-02-17 11:50 GMT
Hospice. धर्मशाला। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड आगामी वार्षिक परीक्षाओं को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बोर्ड मुख्यालय धर्मशाला में सोमवार को अध्यक्ष डा. राजेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और छात्र-हितैषी बनाने के लिए कई क्रांतिकारी बदलावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी बोर्ड परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए विशेषज्ञों से संवाद स्थापित करना और परीक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर ठोस मार्गदर्शन प्राप्त करना रहा। बोर्ड अध्यक्ष डा. राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि इस बार प्रश्नपत्रों के निर्माण में कठिन प्रश्नों का अनुपात
बढ़ाया जाएगा।


इसका सीधा उद्देश्य विद्यार्थियों की केवल किताबी रटंत विद्या को परखना नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता का सटीक मूल्यांकन सुनिश्चित करना है। बोर्ड का मानना है कि इस बदलाव से मेधावी छात्रों की असली प्रतिभा निखरकर सामने आएगी और मूल्यांकन की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुदृढ़ किया जा सकेगा। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ रोकने के लिए बोर्ड ने उडऩदस्तों की भूमिका को और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों की जिम्मेदारियों को परिभाषित किया गया है, जिससे ड्यूटी के दौरान किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए। अध्यक्ष नेसभी विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर एक ऐसी परीक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया है, जो पूरी तरह से पारदर्शी होगी।
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