Jasur. जसूर। श्रीनगर के पहल गांव में हुए आतंकी हमले के बाद संपूर्ण देश में युद्ध जैसा माहौल बन गया। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा गया तथा सभी राज्यों के बॉर्डर्स सील कर दिए गए। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के जो बच्चे श्रीनगर में स्टडी कर रहे थे, उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए हिमाचल सरकार ने एचआरटीसी की बसें भेज कर सभी बच्चों को सुरक्षित घरों तक पहुंचा दिया गया है। इन्हीं बच्चों में से अपने घर पहुंची विधानसभा नूरपुर पंचायत सुखार की रहने वाली अवंतिका सिंह पुत्री देवराज डढवाल ने बताया कि वह श्रीनगर के शालीमार बीएससी होल्ट्री कल्चर यूनिवर्सिटी में फोर्थ सेमेस्टर के सेकंड ईयर की छात्रा है तथा इस दौरान वह श्रीनगर यूनिवर्सिटी में ही थीं।
20 वर्षीय अवंतिका सिंह ने बताया कि जब ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया, तब समूचे श्रीनगर के साथ यूनिवर्सिटी के छात्रों में भी भय का माहौल था, लेकिन यूनिवर्सिटी के स्टाफ ने इस स्थिति में सभी बच्चों की बहुत मदद की तथा 10 मई को हमें जम्मू राज्य की बस में बैठा कर जम्मू तक भेजा गया, जहां हिमाचल सरकार ने हमारी बहुत सहायता की तथा हमारे रहने और खाने-पीने इत्यादि की सभी सुविधाएं प्रदेश सरकार द्वारा मुहैया करवाई गई। अवंतिका ने बताया कि अगले दिन सुबह हिमाचल सरकार ने हमारे लिए एचआरटीसी की बसें प्रोवाइड करवाईं तथा हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस से हमें अपने अपने घर दरवाजे तक पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि हम सब छात्र सरकार, एचआरटीसी का धन्यवाद करते हैं कि आज हम सभी सुरक्षित अपने-अपने घरों पर तक पहुंच पाए हैं।