ऐतिहासिक शिव मंदिर में उद्यान उपेक्षित, उखडऩे लगे रास्ते के पत्थर, भक्तों में रोष

Update: 2026-05-31 09:50 GMT
Baijnath. बैजनाथ। ऐतिहासिक शिव मंदिर बैजनाथ में परिसर के साथ बना उद्यान लंबे समय से बदहाली और उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। कभी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए शांति, विश्राम और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र रहा है। यह उद्यान आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। कभी उद्यान के चारों तरफ उगी घासए उद्यान के चारों तरफ बने रास्ते के किनारे लगाई गई बाड़ के कारण मंदिर की शोभा ही निराली थी। स्थानीय लोगों और
श्रद्धालुओं
का कहना है कि मंदिर के चारों ओर रास्ते को चौड़ा करने के कार्य के बाद पुरातत्व विभाग ने उद्यान के चारों तरफ बनी सुंदर फूलबाडिय़ों को उखाड़ दिया। लेकिन उसके बाद उनकी दोबारा उचित तरीके से देखरेख नहीं की गई। परिणामस्वरूप आज उद्यान की हालत बेहद खराब हो चुकी है।

उद्यान ऊबड़-खाबड़ बन चुका है। पहले उद्यान में शाम के समय श्रद्धालु और स्थानीय परिवार बैठकर ठंडी फिजाओं का आनंद लेते थे। सुबह चार बजे लोग उद्यान में बैठ कर ध्यान करते थे। हरी घास में नंगे घूमते थे। मंदिर परिसर की हरियाली और फूलों की सुंदरता श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराती थी। लेकिन अब फूलबाडिय़ों में फूलों की जगह घास और झाडिय़ां उग आई हैं। जगह-जगह उद्यान ऊबड़ खाबड़ बन गया है अव्यवस्था का माहौल दिखाई देता है। देखने वाली बात यह है कि रास्ते के चौड़ीकरण के दौरान लगाए गए पत्थर भी अब उखडऩे और टूटने लगे हैं, जिससे मंदिर परिसर की सुंदरता प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर रास्ता भी क्षतिग्रस्त नजर आने लगा है।
Tags:    

Similar News