Shimla. शिमला। हिमाचल में नशे के बढ़ते कारोबार व नशे से हो रही मौतों के कारण नशा निवारण बोर्ड के पूर्व संयोजक व एडवाइजर ओम प्रकाश शर्मा सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि पंजाब-पाकिस्तान से नशा आ रहा है और डार्क वेब से सप्लाई हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में नशे के खिलाफ जो प्रयास हो रहे थे आज भी वही है। शिमला में प्रेस वार्ता कर नशा निवारण बोर्ड के
पूर्व संयोजक
कम एडवाइजर ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि सरकार दो साल तक बोर्ड का पुनर्गठन ही नहीं किया। साल 2025 में नियमों को ताक पर रखकर राजनीतिक व्यक्ति को संयोजक कम एडवाइजर बना दिया गया।

जबकि बोर्ड के संयोजक और सदस्य अनुभवी होने चाहिए थे। सरकार नशे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध नजर नहीं आ रही। केवल पुलिस के भरोसे नशे को खत्म नहीं किया जा सकता इसके लिए समाज का सहयोग और जागरूकता जरूरी है । प्रदेश में पंजाब और पाकिस्तान से बड़े स्तर पर नशा आ रहा है। युवाओं को बचाना सरकार का दायित्व है, लेकिन सरकार प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं चला रही। डार्क वेब जैसे खतरनाक टूल से नशे की सप्लाई हो रही है। दस हजार बच्चे इक_ा कर रैली करने से नशा खत्म नहीं होगा। आज नशे के कारण मौतें हो रही हैं, इसलिए अब केवल जागरूकता अभियान काफी नहीं हैं। ओपियोइड सब्स्टिट्यूशन थैरेपी को हर सीएचसी, पीएचसी और जोनल अस्पताल में शुरू करने की जरूरत है, ताकि जरूरतमंद लोगों को तुरंत इलाज मिल सके।
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