जनता से रिश्ता वेबडेस्क :-  Maharashtra News: एक ओर मुंबई में उद्योग धंधे फिर से रफ्तार पकड़ रहे हैं, ऑफिस खुल चुके हैं. वहीं दूसरी ओर मुंबई के रेस्टोरेंट्स और बार अभी भी रात 10 बजे बंद करने के सरकारी नियम हैं. ऐसे में होटल रेस्टोरेंट के एसोसिएशन आहार ने सरकार से मांग की है कि रात 10 बजे की बजाय नियम बदलकर पहले की तरह रात के 1:30 बजे तक होटल और रेस्टोरेंट्स को खोलने की इजाज़त दी जाए, ताकि भारी घाटे में चल रहे इस क्षेत्र में व्यवसायियों को कुछ राहत मिल सके.

कोविड के दौर में जिन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है, उनमें से एक हॉस्पिटैलिटी सेक्टर भी है. मुंबई में कई बार और रेस्टोरेंट बंद हुए हैं. हजारों लोग बेरोजगार हुए. अब जबकि अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ रही है, आम जनजीवन सामान्य हो रहा है ऐसे में आहार की मांग है कि रेस्टोरेंट्स को रात 1.30 बजे तक खोलने की अनुमति दी जाए. उनका कहना है कि रात 10 बजे तक रेस्टोरेंट चलाकर व्यवसाई कोई लाभ नहीं कर रहे हैं. बैठे हुए बस जैसे-तैसे सर्वाइव कर रहे हैं. कर्मचारियों की सैलरी लागत निकालना मुश्किल हो रहा है. आम आदमी अपनी नौकरी करके ट्रैफिक के बीच आठ बजे घर जाता है 9 बजे के बाद ही उसके डिनर का प्लान बनता है और 10 बजे तक रेस्टोरेंट पहुंचते हैं, ऐसे में 10 बजे बंद करना घाटे का सौदा है.
अपनी दिक्कतों की जानकारी देने के लिए संगठन के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनके बेटे और टूरिज्म मंत्री आदित्य ठाकरे सहित प्रशासन के बड़े अधिकारियों से हाल ही में मुलाकात की. उनके सामने प्रेजेंटेशन रखा और बताया कि कैसे उनको घाटा हो रहा है. और ये घाटा उनका नहीं बल्कि सरकार का भी है. अब जबकि सबकुछ सामान्य हो रहा है, तो उनको भी रेस्टोरेंट्स-बार खोलने की अनुमति देनी चाहिए ताकि घाटे में चल रहे इस धंधे में लाभ की प्राप्ति हो और सुधार आ सके.


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