Shimla. शिमला। नवरात्रों में सतलुज का पानी शिमला पहुंचाया जाएगा। ये दावा शिमला जल प्रबंधन निगम ने किया है। बुधवार को शकरोड़ी पेयजल परियोजना में बिजली पहुंच गई है। मेयर सुरेंद्र चौहान और डिप्टी मेयर उमा कौशल ने इसका शुभारंभ किया। ऐसे में पेयजल कंपनी ने भी बुधवार से ही यहां पर बिजली पैनलों की टेस्टिंग करना शुरू कर दी है। ऐसे में पानी पहुंचाने की टेस्टिंग नवरात्रों से शुरू हो जाएगी। शकरोड़ी से तीन चरणों में संजौली पानी पहुंचाया जाएगा। इसमें पहले शकरोड़ी से दवाडा और उसके बाद डुम्मी से सिद्धा संजौली टैंक तक पानी पहुंचेगा। इसके बाद यहां से पूरे शहर के लिए पानी की सप्लाई दी जाएगी। हालांकि पहले चरण में सिर्फ संजौली क्षेत्र को ही इसकी सप्लाई दी जाएगी। उसके बाद दूसरे चरण में पूरे शहर में पेयजल लाइन कनेक्टिविटी का काम होगा। कनेक्टिविटी का काम पूरा होने के बाद इस परियोजना का पानी निरंतर चलाया जाएगा। इस परियोजना से एक साथ करीब 47 एमएलडी पानी शहर को मिलेगा।
बता दें कि बुधवार को मेयर सुरेंद्र चौहान और डिप्टी मेयर उमा कौशल ने शकरोड़ी पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उनके साथ नगर निगम के आयुक्त भूपेंद्र अत्री और सभी पार्षद भी मौजूद थे। इस दौरान पेयजल कंपनी के एमडी विरेंद्र ठाकुर और कंपनी के अन्य अधिकारियों के साथ बिजली बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। मेयर ने शिमला जल प्रबंधन निगम और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के साथ बैठक भी की। इस बैठक में शकरोड़ी का पानी शिमला पहुंचाने पर चर्चा की गई। पेयजल कंपनी ने कहा कि अभी पहले यहां पर सभी मशीनों और पैनल की टेस्टिंग होगी। उसके बाद नवरात्रों में शिमला पानी पहुंचाने की टेस्टिंग की जाएगी। बिजली बोर्ड ने कहा कि हम भी यहां पर बिजली की सप्लाई सुचारू करने के लिए निरंतर काम करते रहेंगे। मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि अब हर हालत में नवरात्रों में ही शकरोड़ी का पानी शिमला पहुंचाया जाएगा, ताकि 24 घंटे पेयजल सप्लाई को जल्द शुरू कर सकें।