Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण/एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने लॉकडाउन के दौरान एन.व्ही. डिस्टलरीज से कथित अवैध शराब के परिवहन में इस्तेमाल किए गए दो और वाहनों को जब्त किया है। दोनों वाहनों के संबंध में जांच के दौरान जानकारी सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। इसके साथ ही शराब घोटाला मामले में अब तक कुल 28 वाहनों की जब्ती की जा चुकी है।
EOW/ACB के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रकरण क्रमांक 04/2024 की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। जांच में पूछताछ के दौरान मार्च-अप्रैल 2020 में लागू लॉकडाउन के दौरान एन.व्ही. डिस्टलरीज से शराब के कथित अवैध परिवहन की जानकारी सामने आई थी। आरोप है कि इस अवधि में आबकारी अधिकारियों के माध्यम से शराब को डिस्टलरी से बाहर ले जाया गया और रायपुर तथा दुर्ग के अलग-अलग होटल और बार तक पहुंचाया गया।
होटल-बार में अधिक कीमत पर बिक्री का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान जब सामान्य गतिविधियां प्रतिबंधित थीं, उसी अवधि में शराब को कथित तौर पर अवैध तरीके से परिवहन कर अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया गया। आरोप है कि रायपुर और दुर्ग के विभिन्न होटल एवं बार में इस शराब को अधिक कीमत पर बेचा गया। EOW/ACB की जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि इस तरह शराब की बिक्री से प्राप्त रकम को कथित शराब सिंडिकेट तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसी इसी कथित नेटवर्क में शामिल लोगों, वाहनों और धन के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
श्री साईं ट्रांसपोर्ट से जुड़े दो वाहन जब्त
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर EOW/ACB ने दिनेश अग्रवाल के श्री साईं ट्रांसपोर्ट से जुड़े दो वाहनों को जब्त किया है। जब्त वाहनों में CG04-MF-1274 और CG04-MC-2618 शामिल हैं। ब्यूरो के अनुसार, वर्तमान में दोनों वाहनों का इस्तेमाल गैस परिवहन के काम में किया जा रहा था। जांच के दौरान इन वाहनों के लॉकडाउन अवधि में शराब के कथित अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद ब्यूरो ने दोनों वाहनों को जब्ती की कार्रवाई के तहत अपने कब्जे में लिया। EOW/ACB अब यह भी जांच कर रहा है कि इन वाहनों का इस्तेमाल किस तरीके से किया गया था और कथित अवैध परिवहन की पूरी प्रक्रिया में इनकी क्या भूमिका रही। जांच एजेंसी संबंधित दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
अब तक 28 वाहनों पर कार्रवाई
शराब घोटाले की जांच में वाहनों की जब्ती का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। EOW/ACB के मुताबिक, अब तक कुल 28 वाहनों को जब्त किया जा चुका है। इन वाहनों के कथित इस्तेमाल और शराब के अवैध परिवहन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी का फोकस केवल वाहनों की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है कि लॉकडाउन के दौरान कथित तौर पर शराब की सप्लाई किस नेटवर्क के माध्यम से की गई और उससे प्राप्त रकम किन लोगों तक पहुंची।
भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की धाराओं में जांच
EOW/ACB के अनुसार, शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420, 467, 468 और 471 के तहत जांच की जा रही है। जांच में शराब के कथित अवैध परिवहन, बिक्री और उससे प्राप्त रकम को कथित सिंडिकेट तक पहुंचाने से जुड़े पहलुओं की पड़ताल जारी है। एजेंसी यह भी देख रही है कि पूरे मामले में किन लोगों की भूमिका रही और कथित अवैध गतिविधियों के जरिए किस तरह आर्थिक लाभ हासिल किया गया।
जांच में आगे और कार्रवाई की संभावना
दो और वाहनों की जब्ती के बाद शराब घोटाले की जांच में एक और कड़ी जुड़ गई है। EOW/ACB द्वारा अब तक जब्त किए गए 28 वाहनों से जुड़े रिकॉर्ड और उनके इस्तेमाल की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ब्यूरो की जांच जारी है और लॉकडाउन अवधि में शराब के कथित अवैध परिवहन से जुड़े नेटवर्क के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
Tags: