Shimla. शिमला। राजधानी शिमला में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल टॉलैंड से आईजीएमसी तक प्रस्तावित सुरंग निर्माण परियोजना के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया है। इसके साथ ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए कंसलटेंट की नियुक्ति भी कर दी गई है। राज्य सरकार इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को एशियन डिवेलपमेंट बैंक (एडीबी) के सहयोग से साकार करेगी। जानकारी के अनुसार स्टेट रोड प्रोजेक्ट के तहत तैयार इस परियोजना पर करीब 700 से 800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी में लंबे समय से बनी ट्रैफिक जाम की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। परियोजना के तहत कुल चार पोर्टल बनाए जाएंगे, जिनके माध्यम से वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
प्रस्तावित योजना के तहत दो अलग-अलग सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। पहली सुरंग टॉलैंड से सचिवालय के आसपास के क्षेत्र तक बनाई जाएगी। इसकी अनुमानित लंबाई करीब 400 मीटर होगी। वहीं दूसरी और बड़ी सुरंग जलशक्ति विभाग के पंप हाउस क्षेत्र से सीधे आईजीएमसी तक बनाई जाएगी, जिसकी लंबाई करीब 900 मीटर बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि यह परियोजना स्टेट रोड प्रोजेक्ट के तहत तैयार किए गए स्ट्राइड प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसके अंतर्गत शिमला शहर में सडक़ और यातायात ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े निर्माण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। नई सुरंग बनने से यात्रा समय कम होगा और यातायात का दबाव भी विभाजित हो सकेगा। यह परियोजना राजधानी के शहरी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगी। सूत्रों के अनुसार सुरंगों का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया जाएगा ताकि शहर के भीतर वाहनों का दबाव कम हो और लोगों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सके।