नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव से ठीक पहले नॉर्थ कैंपस में छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प हुई। घटना में दो छात्रों के घायल होने की जानकारी है, जबकि कैंपस में खड़ी कुछ गाड़ियों में भी तोड़फोड़ हुई। ABVP और NSUI ने अलग-अलग घटनाओं को लेकर एक-दूसरे से जुड़े लोगों पर हमले के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी है और फ्लैग मार्च किया जा रहा है।
लाठी लेकर जाते दिखे लोग, पहचान की पुष्टि नहीं
बुधवार रात हुई घटना से पहले के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें कुछ लोग हाथों में लाठियां लेकर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो में नजर आ रहे लोग किस संगठन से जुड़े थे, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और कैंपस में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। चुनाव प्रचार 16 सितंबर को समाप्त हो चुका है। DUSU के लिए मतदान 18 सितंबर को और मतगणना 19 सितंबर को होनी है।
ABVP का आरोप- सदस्य पर हुआ हमला
ABVP ने आरोप लगाया कि लॉ सेंटर-1 यानी LC-1 के बाहर उसके एक सदस्य पर हमला किया गया। संगठन का दावा है कि इस घटना में कांग्रेस, इंडियन यूथ कांग्रेस और NSUI से जुड़े लोग शामिल थे।
ABVP ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के हरि मंदिर में उसके सदस्यों के घर पर NSUI कार्यकर्ताओं ने हमला किया। संगठन के अनुसार, उस समय उसके सदस्य बैठक कर रहे थे और वहां महिला छात्र सदस्य भी मौजूद थीं। ABVP का कहना है कि एक कथित हमलावर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े गैर-छात्र राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने NSUI पैनल के लिए प्रचार किया।
इसके अलावा ABVP ने कैंपस में बाहरी राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और क्लासरूम में प्रचार पर सवाल उठाए। संगठन ने छात्रों को प्रभावित करने के लिए पैसे के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
NSUI बोला- आदिवासी छात्र पर किया गया हमला
दूसरी ओर, NSUI ने ABVP से जुड़े लोगों पर उसके एक आदिवासी छात्र सदस्य के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। संगठन के मुताबिक यह घटना मोतीलाल नेहरू कॉलेज के बाहर हुई।
NSUI ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि हनुमान पांडे ने ABVP पर छात्रों को डराने और अलग-थलग करने की राजनीति करने का आरोप लगाया। इन आरोपों पर दोनों संगठनों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मोतीलाल नेहरू कॉलेज में शिक्षक से मारपीट का आरोप
मोतीलाल नेहरू कॉलेज (ईवनिंग) में भी विवाद सामने आया। यहां DUSU के एक प्रचारक पर एक शिक्षक के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। घटना के बाद कॉलेज की फैकल्टी ने प्रदर्शन किया। एक शिक्षक के मुताबिक, फैकल्टी के एक सदस्य को गंभीर चोट लगी और उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया। शिक्षकों ने घटना को लेकर FIR दर्ज कराने और चुनाव से जुड़ी ड्यूटी का बहिष्कार करने की बात कही।
फैकल्टी का कहना था कि छात्रों को अपनी सीमाओं का ध्यान रखना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में शिक्षक के साथ मारपीट नहीं होनी चाहिए। हालांकि, शिक्षक यह स्पष्ट नहीं कर सके कि कथित तौर पर मारपीट करने वाला प्रचारक किस छात्र संगठन से जुड़ा था।
दिल्ली हाईकोर्ट में चुनाव नियमों को लेकर सुनवाई
DUSU चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन से जुड़ी एक याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 सितंबर को तत्काल सुनवाई के लिए सहमति जताई। याचिका में लिंगदोह समिति की सिफारिशों, एंटी-डिफेसमेंट गाइडलाइन और अदालत के निर्देशों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। इसमें उम्मीदवारों के साथ तय संख्या से अधिक लोगों के प्रचार में शामिल होने, बाहरी लोगों की मौजूदगी, वाहनों के काफिले, रैलियों और रोड शो का जिक्र किया गया है।
याचिका में ट्रैफिक बाधित करने, प्रिंटेड पोस्टर-पर्चों के इस्तेमाल, सार्वजनिक जगहों पर तोड़फोड़ और पैसे व बाहुबल से जुड़े नियमों के उल्लंघन का भी उल्लेख है। याचिकाकर्ता ने नियम तोड़ने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग की है।
DU के 91 कॉलेजों में से 52 में DUSU वोटिंग
दिल्ली यूनिवर्सिटी में नॉर्थ और साउथ कैंपस हैं और दोनों के बीच करीब 15 किलोमीटर की दूरी है। दोनों कैंपस को मिलाकर DU में कुल 91 कॉलेज हैं। हालांकि, DUSU चुनाव में सभी कॉलेज सीधे मतदान नहीं करते। केवल 52 कॉलेज और फैकल्टी DUSU की वोटिंग में हिस्सा लेते हैं। सेंट स्टीफंस, लेडी श्री राम और जीसस एंड मैरी जैसे कुछ प्रमुख कॉलेज भी DUSU के सीधे चुनाव का हिस्सा नहीं हैं। इस बार मतदान 18 सितंबर को होगा और वोटों की गिनती 19 सितंबर को की जाएगी।
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