तिरंगा अपमान मामले में मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को राहत, MP-MLA कोर्ट ने शिकायत की खारिज
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान से जुड़े मामले में राहत मिली है। नरसिंहपुर की MP-MLA कोर्ट ने इस मामले में दायर शिकायत को खारिज कर दिया है।
16 सितंबर को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकार की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए गए सबूत पर्याप्त नहीं हैं। कोर्ट ने माना कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मंत्री के खिलाफ आगे की कार्रवाई का आधार नहीं बनता।
कोर्ट ने साक्ष्यों को माना अपर्याप्त
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि शिकायत के समर्थन में पेश किए गए फोटो में वाहन का नंबर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा है।
इसके अलावा कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि मंत्री के निर्देश या कहने पर वाहन पर राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया था।
इन्हीं आधारों पर अदालत ने शिकायत को खारिज कर दिया।
तिरंगा यात्रा 2024 से जुड़ा था मामला
यह मामला वर्ष 2024 में आयोजित ‘तिरंगा यात्रा’ से जुड़ा हुआ था। यह यात्रा नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में 11 अगस्त को आयोजित की गई थी।
शिकायतकर्ता नरसिंहपुर के गोटेगांव निवासी कौशल सिलावट ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में लगाए गए थे ये आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तिरंगा यात्रा के दौरान राव उदय प्रताप सिंह एक खुली जीप में सवार थे।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि वाहन के बोनट पर लगाया गया राष्ट्रीय ध्वज मंत्री के पैरों को छू रहा था, जिसे राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के रूप में बताया गया था।
इसके आधार पर शिकायतकर्ता ने कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
अदालत में हुई सुनवाई
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेज और साक्ष्यों पर विचार किया गया।
अदालत ने सभी पहलुओं को देखने के बाद पाया कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
इसके बाद कोर्ट ने शिकायत को खारिज करने का आदेश दिया।
मंत्री को मिली कानूनी राहत
अदालत के फैसले के बाद राव उदय प्रताप सिंह को इस मामले में राहत मिल गई है।
फिलहाल अदालत ने शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आगे की कार्रवाई की आवश्यकता नहीं मानी।
राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े मामलों में साक्ष्य अहम
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े मामलों में आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं।
अदालत ने भी इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध सामग्री का परीक्षण किया और फैसला सुनाया।
शिकायतकर्ता के आरोपों पर नहीं हुई आगे कार्रवाई
कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया नहीं चलेगी।
अदालत ने कहा कि वर्तमान साक्ष्यों के आधार पर शिकायत को आगे बढ़ाने का पर्याप्त आधार नहीं बनता।
मामले का हुआ निपटारा
MP-MLA कोर्ट के फैसले के साथ ही तिरंगा यात्रा 2024 से जुड़े इस मामले का फिलहाल निपटारा हो गया है।
अदालत के आदेश के अनुसार, शिकायत में प्रस्तुत तथ्यों और सबूतों के आधार पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।