रणनीति तैयार, थमेंगी टीबी से होने वाली मौतें

Update: 2026-07-17 12:22 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। टीबी (क्षय रोग) से होने वाली मौतों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला बिलासपुर प्रशासन ने समन्वित रणनीति तैयार की है। पिछले एक वर्ष के दौरान जिले में टीबी से 92 मरीजों की मृत्यु हुई है। समीक्षा के दौरान सामने आया कि अधिकांश मामलों में बीमारी का समय पर पता नहीं चल पाया। कई मरीजों ने उपचार के दौरान दवाइयों का नियमित सेवन नहीं किया, जबकि कुछ मरीजों ने बीच में ही ईलाज छोड़ दिया। इसके अलावा बड़ी संख्या में मरीज कुपोषण से भी पीडि़त थे, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हुई और बीमारी जानलेवा साबित हुई।जिला बिलासपुर में टीबी से होने वाली मौतों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बहुविभागीय समन्वित कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में बड़ा
कदम उठाया है।


टीबी मरीजों में कुपोषण की गंभीर समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने पोषण सहायता को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। उपायुक्त ने घोषणा की है कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग को एक हजार पोषण किट उपलब्ध करवाएगा, जिन्हें जरूरतमंद और कमजोर मरीजों तक पहुंचाया जाएगा। दवा के साथ पौष्टिक आहार भी टीबी से लडऩे में उतना ही महत्वपूर्ण है और इससे मरीजों के स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। जिले के 263 गांवों को टीबी के दृष्टिकोण से उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि इन गांवों के अलावा शहरी संवेदनशील क्षेत्रों, एसीसी संयंत्र के आसपास के इलाकों, खनन प्रभावित क्षेत्रों तथा अन्य औद्योगिक कार्यस्थलों पर विशेष जांच और जागरूकता शिविर लगाए जाएं। उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाई गई पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। हाल ही में इन मशीनों के माध्यम से नौ नए टीबी मरीजों की पहचान की गई है।
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