नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और पार्टी की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया की दुनिया में नया कदम रखा। लंबे समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखने वाली सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर अपना आधिकारिक अकाउंट शुरू किया है। खास बात यह है कि उन्होंने अपनी पहली पोस्ट में अगले महीने प्रकाशित होने वाली आत्मकथा 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' (Belonging: A Journey of Love) की पहली झलक साझा की। वीडियो में सोनिया गांधी किताब के पन्ने पलटती और अपनी बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ भावुक पल बिताती नजर आईं। उनकी आत्मकथा 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली है।
पहली इंस्टाग्राम पोस्ट में दिखाई आत्मकथा की झलक
सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर अपनी पहली पोस्ट के जरिए प्रशंसकों और पाठकों के साथ खास पल साझा किया।वीडियो में वह एक पुस्तकालय जैसे कमरे में बैठी दिखाई देती हैं। उनके आसपास किताबों से भरी अलमारियां नजर आती हैं। उनके हाथों में अपनी आने वाली आत्मकथा की प्रति है।
वह किताब के पन्ने पलटती हैं और उसमें प्रकाशित तस्वीरों को देखकर मुस्कुराती हैं।इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा भी उनके साथ नजर आती हैं। मां-बेटी किताब में मौजूद तस्वीरों को देखती हैं और एक-दूसरे को गले लगाती हैं।
वीडियो में सोनिया गांधी अपनी आत्मकथा को लेकर उत्साहित दिखाई देती हैं। उनके लिए यह अवसर इसलिए भी खास है, क्योंकि इस किताब में उनके जीवन की कई महत्वपूर्ण यादों को समेटा गया है।
पहली पोस्ट में सोनिया गांधी ने क्या लिखा?
इंस्टाग्राम पर अपनी पहली पोस्ट में सोनिया गांधी ने पाठकों और प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने बताया कि उनकी आत्मकथा प्रेम, कर्तव्य, अपनों को खोने के दुख और जीवन में अपनेपन की तलाश की कहानी है।सोनिया गांधी ने किताब की पहली झलक साझा करते हुए कहा कि वह अपने जीवन की यह कहानी लोगों के सामने प्रस्तुत करने को लेकर उत्साहित हैं।उनकी इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर तेजी से प्रतिक्रिया मिलने लगी। अकाउंट शुरू होने के कुछ समय बाद ही हजारों लोगों ने उन्हें फॉलो करना शुरू कर दिया।इंस्टाग्राम पर उनकी मौजूदगी को सार्वजनिक संवाद के एक नए माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।
10 नवंबर को प्रकाशित होगी आत्मकथा
सोनिया गांधी की आत्मकथा 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' 10 नवंबर 2026 को दुनियाभर में प्रकाशित होने वाली है।इस किताब में उनके व्यक्तिगत जीवन, परिवार, प्रेम, राजनीतिक सफर और भारत से उनके गहरे रिश्ते को विस्तार से प्रस्तुत किया जाएगा।आत्मकथा का प्रकाशन हार्पर कॉलिन्स इंडिया द्वारा किए जाने की घोषणा की गई है।यह किताब भारतीय राजनीति की सबसे चर्चित हस्तियों में शामिल सोनिया गांधी के जीवन को उनके अपने दृष्टिकोण से समझने का अवसर देगी।प्रकाशक के अनुसार, पुस्तक में प्रेम, पहचान, जिम्मेदारी और अपनेपन की भावना प्रमुख विषय हैं।
इटली के बचपन से भारत तक का सफर
सोनिया गांधी का जन्म 9 दिसंबर 1946 को इटली में हुआ था। उनका बचपन द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद के यूरोपीय माहौल में बीता।आत्मकथा में उनके शुरुआती जीवन और भारत आने तक के सफर का उल्लेख किया गया है।किताब में यह भी बताया गया है कि किस तरह उनकी जिंदगी में राजीव गांधी का आगमन हुआ और बाद में भारत उनका स्थायी घर बन गया।
सोनिया गांधी की जीवन यात्रा केवल एक देश से दूसरे देश आने की कहानी नहीं है, बल्कि इसमें व्यक्तिगत रिश्तों, सांस्कृतिक बदलावों और राजनीतिक जिम्मेदारियों का भी महत्वपूर्ण स्थान है।
राजीव गांधी से मुलाकात और प्रेम कहानी
सोनिया गांधी की आत्मकथा में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ उनकी प्रेम कहानी भी प्रमुख रूप से शामिल होगी।दोनों की मुलाकात ब्रिटेन के कैम्ब्रिज में हुई थी। समय के साथ उनकी दोस्ती प्रेम में बदल गई।इसके बाद 1968 में सोनिया गांधी और राजीव गांधी का विवाह हुआ।विवाह के बाद सोनिया भारत आ गईं और गांधी परिवार का हिस्सा बन गईं।किताब में उनके वैवाहिक जीवन, परिवार के साथ बिताए समय और निजी अनुभवों से जुड़े प्रसंग शामिल होने की उम्मीद है।उनके जीवन का यह हिस्सा पाठकों के लिए विशेष आकर्षण का विषय हो सकता है।
इंदिरा और राजीव गांधी की हत्या का भी जिक्र
सोनिया गांधी के जीवन में दो बड़ी व्यक्तिगत त्रासदियों ने गहरा प्रभाव डाला।31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी।इसके बाद 21 मई 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की भी हत्या हो गई।इन दोनों घटनाओं ने सोनिया गांधी और उनके परिवार की जिंदगी को बदल दिया।
आत्मकथा में इन दुखद अनुभवों और उनके व्यक्तिगत जीवन पर पड़े प्रभाव का भी उल्लेख किया गया है।किताब के माध्यम से पाठकों को यह जानने का अवसर मिलेगा कि इन कठिन परिस्थितियों में सोनिया गांधी ने अपने जीवन और परिवार की जिम्मेदारियों को किस तरह संभाला।
राजनीतिक जीवन के अनसुने पहलू भी आएंगे सामने
सोनिया गांधी ने लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व किया है। वह पार्टी की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाली नेताओं में शामिल हैं।राजीव गांधी की मृत्यु के बाद उन्होंने शुरुआत में सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी थी।लेकिन बाद में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और कांग्रेस के संगठनात्मक नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली।
साल 1998 में वह कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं।
उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलावों का सामना किया। वर्ष 2004 में कांग्रेस के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार बनी।आत्मकथा में इन राजनीतिक अनुभवों को उनके व्यक्तिगत नजरिए से प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है।प्रकाशन से पहले विवादों में भी आई किताबसोनिया गांधी की आत्मकथा प्रकाशन से पहले ही विवादों में आ चुकी है।सितंबर 2026 में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने किताब प्रकाशित नहीं करने का फैसला लिया था।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रकाशक और लेखिका के बीच कुछ संपादकीय बदलावों को लेकर मतभेद सामने आए थे।
कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया था कि किताब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, चीन के साथ गलवान विवाद और अन्य राजनीतिक विषयों से जुड़े अंश हटाने का दबाव था।हालांकि, प्रकाशक ने इन आरोपों का समर्थन नहीं किया और कहा कि तथ्यों की जांच तथा संपादकीय सुझाव प्रकाशन प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं।इसके बाद हार्पर कॉलिन्स इंडिया ने किताब के प्रकाशन की जिम्मेदारी संभाली।
राहुल गांधी ने भी जताई खुशी
सोनिया गांधी की आत्मकथा के प्रकाशन को लेकर उनके बेटे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी खुशी जताई है।राहुल गांधी ने अपनी मां की जीवन यात्रा को दुनिया के सामने आने पर गर्व व्यक्त किया।सोनिया गांधी की आत्मकथा को केवल एक राजनीतिक संस्मरण नहीं, बल्कि निजी अनुभवों और परिवार से जुड़ी भावनात्मक यात्रा के रूप में भी देखा जा रहा है।इस पुस्तक में उन परिस्थितियों का वर्णन होने की उम्मीद है, जिन्होंने उनके व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन को आकार दिया।
इंस्टाग्राम के जरिए नई पीढ़ी से जुड़ने की पहल
सोनिया गांधी लंबे समय तक व्यक्तिगत सोशल मीडिया गतिविधियों से दूर रही हैं।हालांकि, उनके राजनीतिक संदेश और सार्वजनिक बयान कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक माध्यमों से प्रसारित होते रहे हैं।अब इंस्टाग्राम पर आने के बाद उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचाने की शुरुआत की है।सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी को युवा पीढ़ी और डिजिटल माध्यमों से जुड़े लोगों तक पहुंच बनाने की पहल के रूप में भी देखा जा सकता है।फिलहाल उनकी पहली पोस्ट का प्रमुख उद्देश्य आगामी आत्मकथा की जानकारी साझा करना है।
किताब को लेकर बढ़ी पाठकों की उत्सुकता
सोनिया गांधी की आत्मकथा का इंतजार राजनीतिक जगत के साथ साहित्य में रुचि रखने वाले पाठक भी कर रहे हैं।इटली में बचपन, राजीव गांधी से प्रेम विवाह, भारत में पारिवारिक जीवन, व्यक्तिगत त्रासदियां और राजनीति में प्रवेश जैसे विषय पुस्तक को विशेष बनाते हैं।10 नवंबर को किताब प्रकाशित होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि सोनिया गांधी ने अपने लंबे जीवन और राजनीतिक सफर की किन घटनाओं का किस प्रकार वर्णन किया है।इंस्टाग्राम पर पहली पोस्ट साझा करके सोनिया गांधी ने अपने जीवन की कहानी पाठकों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत की है।