नई दिल्ली: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। पहले इस किताब को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ओर से प्रकाशित किया जाना था, लेकिन बाद में प्रकाशक ने किताब को प्रकाशित करने से पीछे हटने का फैसला किया। अब हार्परकॉलिन्स इंडिया ने ऐलान किया है कि वही सोनिया गांधी की संस्मरण किताब को प्रकाशित करेगा। खास बात यह है कि प्रकाशक बदलने के बावजूद किताब की रिलीज डेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ अब भी 10 नवंबर 2026 को ही पाठकों के बीच आएगी।
पेंगुइन के बाद हार्परकॉलिन्स करेगा किताब प्रकाशित
सोनिया गांधी की किताब को लेकर मामला उस समय चर्चा में आया था, जब न्यूयॉर्क स्थित अल्फ्रेड ए. नॉफ ने 18 अगस्त को इसके प्रकाशन की घोषणा की थी। अल्फ्रेड ए. नॉफ, पेंगुइन रैंडम हाउस का हिस्सा है। उस समय किताब की रिलीज के लिए 10 नवंबर की तारीख तय की गई थी। इसकी पहली प्रिंटिंग करीब एक लाख प्रतियों की बताई गई थी।
इसके बाद पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने किताब को प्रकाशित करने से पीछे हटने का फैसला किया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान किताब के संपादकीय बदलाव और सामग्री को लेकर मतभेद की बातें सामने आईं। अब हार्परकॉलिन्स इंडिया के किताब प्रकाशित करने के ऐलान के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।
क्या है सोनिया गांधी की किताब में?
हार्परकॉलिन्स इंडिया ने ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ को एक दिलचस्प संस्मरण बताया है। पब्लिशर के अनुसार, इस किताब में सोनिया गांधी की निजी जिंदगी और उनके राजनीतिक सफर दोनों को जगह दी गई है।
किताब में सोनिया गांधी के बचपन से लेकर भारत आने तक की कहानी बताई जाएगी। उनके युद्ध के बाद के इटली के वेनेटो में बिताए बचपन का भी जिक्र होगा। इसके अलावा उस प्रेम कहानी को भी किताब में शामिल किया गया है, जिसने उन्हें भारत तक पहुंचाया।
भारत आने के बाद उनकी जिंदगी में जो बड़े बदलाव हुए और जिन निजी दुखों का उन्होंने सामना किया, उनका भी किताब में उल्लेख होगा। यानी संस्मरण में उनके जीवन के निजी अनुभवों के साथ-साथ उनके राजनीतिक सफर को भी जोड़ा गया है।
पेंगुइन से क्यों हुआ था विवाद?
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के किताब प्रकाशित न करने के फैसले के बाद संपादकीय बदलावों को लेकर चर्चा हुई थी। हालांकि, पब्लिशर की ओर से कहा गया था कि इस फैसले को केवल लेखक की ओर से संपादकीय बदलाव स्वीकार नहीं करने से जोड़ना सही नहीं है।
पब्लिशर ने कहा था कि किताब के तथ्यों की जांच करना और उसके हित में जरूरी सुझाव देना प्रकाशक की जिम्मेदारी होती है। वहीं प्रकाशन उद्योग से जुड़े सूत्रों ने दावा किया था कि कुछ अहम राजनीतिक मुद्दों पर किताब की सामग्री को लेकर मतभेद थे।
10 नवंबर को ही रिलीज होगी किताब
अब हार्परकॉलिन्स इंडिया की ओर से प्रकाशित सोनिया गांधी की ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ 10 नवंबर 2026 को बाजार में आएगी। प्रकाशक बदलने के बावजूद रिलीज की तारीख पहले वाली ही रखी गई है।
हार्परकॉलिन्स के मुताबिक, सोनिया गांधी को लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में कम बोलने वाली नेता के तौर पर देखा गया है, लेकिन इस संस्मरण में वह अपनी जिंदगी को अधिक खुलकर सामने रखेंगी। किताब में निजी अनुभवों और राजनीतिक घटनाओं को साथ जोड़कर उनकी कहानी बताई जाएगी। अब किताब के प्रकाशन के साथ सोनिया गांधी के बचपन, भारत आने की कहानी, निजी जीवन और राजनीतिक सफर से जुड़े उनके अनुभव पाठकों के सामने आने वाले हैं।