
Pandoh. पंडोह। भारतीय सेना में सिपाही के रूप में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला जांबाज सेनिक राम किशन शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका दुखद बलिदान इटारसी मध्य प्रदेश में शुक्रवार को अचानक पेट दर्द के कारण हुआ। उनका पार्थिव देह पूरे सम्मान के साथ भारतीय सेना के वाहन द्वारा उनके पैतृक गांव चुनोणी पहुंचाया गया। जहां उमड़ी हजारों की भीड़ ने अपने लाड़ले के दर्शन किए। माता पिता, पत्नी और तीन बेटों ने नम आंखों से भारत माता के सपूत को विदाई दी। बता दें कि राम किशन माता पिता का सबसे लाडला बेटा था। उसकी मधुर वाणी और मिलनसार स्वाभाव हर किसी को बरवस ही अपनी ओर आकर्षित करता था।
उन्होंने पंडोह के बथली गांव में भी मकान बनाया है और वे बहुत ही ईमानदार व्यक्ति थे। रामकृष्ण डिफेंस सिक्योरिटी कोर 605 प्लाटून इटारसी मध्य प्रदेश में तैनात थे। वहां से आए अनके साथ फ ौजी जवान ने बताया कि राम किशन के पेट में कुछ दर्द उठी थी। वहां से उनको अस्पताल ले जाया गया। ईलाज के दौरान ही इनकी मौत हो गई। वहीं शनिवार को रामकिशन अंतिम संस्कार गार्डन ऑफ़ ऑनर के साथ बाखली खड्ड में किया गया। भारत माता की जय और राम किशन अमर रहे के नारों से समूचा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था। इस मौक़े तहसीलदार वाली चौकी विशेष रूप से उपस्थित रहे। राम किशन के दुखद निधन पर समूचा सराज क्षेत्र गमगीन है।