भारत और रूस के बीच कई अहम समझौते हुए, LIVE

Update: 2025-12-05 09:13 GMT

नई दिल्ली: दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-रूस के बीच हुए कई समझौतों का आदान-प्रदान किया. ये समझौते दोनों देशों के आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं. भारत और रूस के बीच ये समझौते हुए:

-कोऑपरेशन और माइग्रेशन पर एग्रीमेंट
-अस्थायी श्रमिक गतिविधियों पर समझौता
-हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन पर समझौता
-फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स पर एग्रीमेंट
-पोलर शिप्स और मैरिटाइम कोऑपरेशन पर समझौता
-फर्टिलाइजर पर एग्रीमेंट
जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'पंद्रह साल पहले, 2010 में, हमारी साझेदारी को स्पेशल प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया था. पिछले ढाई दशकों में राष्ट्रपति पुतिन ने अपने नेतृत्व और विजन से इस रिश्ते को लगातार आगे बढ़ाया है. हर परिस्थिति में उनके नेतृत्व ने हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है. मैं राष्ट्रपति पुतिन, अपने मित्र, का भारत के प्रति उनकी गहरी मित्रता और अटूट प्रतिबद्धता के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूं.'
पीएम मोदी ने कहा, 'ऊर्जा सुरक्षा भारत-रूस साझेदारी का एक मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ रही है. सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में हमारा दशकों पुराना सहयोग हमारी साझा स्वच्छ ऊर्जा प्राथमिकताओं को पूरा करने में बेहद अहम रहा है. हम इस विन-विन सहयोग को आगे भी जारी रखेंगे. महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) में हमारा सहयोग दुनिया भर में सुरक्षित और विविधतापूर्ण सप्लाई चेन सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है. यह स्वच्छ ऊर्जा, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और नई उभरती इंडस्ट्रीज में हमारी साझेदारी को मजबूत आधार देगा.' उन्होंने आगे कहा, 'शिपबिल्डिंग में हमारा गहरा सहयोग मेक इन इंडिया को और मजबूत करने की क्षमता रखता है. यह हमारे विन-विन सहयोग का एक और बेहतरीन उदाहरण है, जो रोजगार, कौशल और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा.'
23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'पिछले आठ दशकों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. इंसानियत को कई तरह की चुनौतियों और मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा है. और इन सबके बीच, भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह हमेशा अडिग और मजबूत बनी रही है.'
पुतिन के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया ने कोविड-19 से लेकर आज तक कई संकटों का सामना किया है और उम्मीद जताई कि वैश्विक चुनौतियां जल्द ही पार कर ली जाएंगी. उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि आज हम कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे. भारत और रूस के आर्थिक संबंधों को और मजबूत किया जाना चाहिए, और साथ मिलकर हमें नई ऊंचाइयों को छूने का लक्ष्य रखना चाहिए. इस तरह के आशावादी दृष्टिकोण के साथ हम अपनी बैठक को आगे बढ़ाएंगे. यह एक मजबूत विश्वास है.'
भारत-रूस संबंधों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, '2001 में आपके पदभार संभालने और पहली बार भारत आने के बाद अब 25 वर्ष हो चुके हैं. उस पहली यात्रा में ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की एक मजबूत नींव रखी गई थी. मेरे लिए खुशी की बात है कि आपके साथ मेरे संबंधों को भी 25 साल हो गए. मेरा मानना है कि आपने 2001 में जो भूमिका निभाई थी, वह इस बात का शानदार उदाहरण है कि एक दूरदर्शी नेता जहां से शुरू करता है, वह रिश्तों को कितनी ऊंचाइयों तक ले जा सकता है.'

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