इंफाल: मणिपुर में सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में अलग-अलग जिलों में चलाए गए ज्वाइंट ऑपरेशन में 8 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक घोषित भगोड़ा और उग्रवादी नेता भी शामिल है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि थौबल, काकचिंग, तेंगनौपाल, इंफाल ईस्ट और इंफाल वेस्ट जिलों में मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और अन्य केंद्रीय बलों ने मिलकर यह कार्रवाई की है। गिरफ्तार किए गए उग्रवादी प्रतिबंधित संगठनों पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और उसकी राजनीतिक विंग रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (आरपीएफ), पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलीपाक, कांगलेई यावोल कन्ना लुप (केवाईकेएल) और कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) से जुड़े हैं।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, ये उग्रवादी कई अपराधों और अवैध गतिविधियों में शामिल थे, जिनमें लोगों पर हमला, अपहरण, जबरन 'चंदा' वसूलना और युवाओं को प्रतिबंधित संगठनों में भर्ती करना शामिल है। गिरफ्तार 8 उग्रवादियों में से दो की पहचान पीएलए के स्वयंभू कैप्टन थियम बोयचा सिंह उर्फ बालिन (28) और केवाईकेएल के स्वयंभू कैप्टन चोंगथम लुखोई उर्फ राकेश (45) के रूप में हुई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि थियम बोयचा सिंह उस टीम का हिस्सा था जिसने 13 नवंबर 2021 को चुराचांदपुर जिले के बेहियांग में असम राइफल्स के जवानों पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई थी। वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा जांचे जा रहे इस मामले में तीसरा आरोपी है और घोषित भगोड़ा है।
सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से हथियार और गोला-बारूद, कई आपत्तिजनक दस्तावेज, चंदे की रसीदें, नकदी, मुहरें, प्रतिबंधित संगठनों के लेटरहेड और अन्य सामग्री बरामद की है। इस बीच, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और मणिपुर पुलिस से बने सुरक्षा बलों ने राज्य भर के सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और अन्य संवेदनशील इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन अभियान जारी रखा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत घाटी और पहाड़ी जिलों में कुल 111 नाके और चेकपॉइंट बनाए गए हैं, ताकि उग्रवादियों, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके। सुरक्षा बल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इंफाल-जिरिबाम नेशनल हाईवे (एनएच-37) पर जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों और अन्य वाहनों को भी हथियारबंद सुरक्षा दे रहे हैं। यात्रियों और मालवाहक वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हाईवे के संवेदनशील हिस्सों में कड़ी सुरक्षा और काफिले की सुरक्षा व्यवस्था जारी है।
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