वक्फ संशोधन कानून पर दूसरे दिन की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में शुरू

Update: 2025-04-17 08:41 GMT

नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की.

वक्फ कानून की संवैधानिक वैधता को लेकर गुरुवार को लगातार दूसरे दिन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. सुनवाई शुरू होती ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील की शुरुआत करते हुए कहा कि रोक लगाने का कोई आधार नहीं है.
वक्फ कानून को कोर्ट में किस-किसने दी है चुनौती?
वक्फ कानून में किए गए संशोधन के खिलाफ देशभर से कई राजनीतिक पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. मुख्य याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सीपीआई, वाईएसआरसीपी (YSRCP) सहित कई दल शामिल हैं. साथ ही इसमें एक्टर विजय की पार्टी टीवीके, आरजेडी, जेडीयू के मुस्लिम सांसद, AIMIM और AAP जैसे दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं. इनके अलावा, दो हिंदू पक्षों द्वारा भी याचिकाएं दायर की गई हैं. वकील हरिशंकर जैन ने एक याचिका दर्ज कराई है जिसमें दावा किया गया है कि अधिनियम की कुछ धाराओं से गैरकानूनी ढंग से सरकारी संपत्तियों और हिंदू धार्मिक स्थलों पर कब्जा किया जा सकता है. नोएडा की रहने वाली पारुल खेरा ने भी एक याचिका दायर की है, और उन्होंने भी इसी तरह के तर्क दिए हैं. धर्मिक संगठनों में समस्त केरल जमीयतुल उलेमा, अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद जैसे संगठनों ने भी कानून के खिलाफ याचिकाएं दायर की हैं. जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी का भी इस मामले में अहम योगदान है.
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