Hamirpur. हमीरपुर। कहते हैं कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती है। इसी बात को चिरतार्थ करके दिखा रहे हैं कांगड़ा के गंदड़ गांव के 75 वर्षीय डा. मिल्खी राम। वह शौक-शौक में ही 32 डिग्रियां प्राप्त कर चुके हैं और अब आचार्य में डिग्री करने इग्नू सेंटर हमीरपुर में पहुंचे हैं। 10 फरवरी 1952 को कांगड़ा के गंदड़ गांव में जन्मे मिल्खी राम ने धर्मशाला के प्राइवेट कॉलेज से 1976 (24 वर्ष) में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की थी।
मिल्खी राम फोरेस्ट विभाग में 1972 में भर्ती हुए और 2010 में ग्रेड वन पद से सेवानिवृत हुए हैं। डा. मिल्खी राम ने जॉब के दौरान भी पढ़ाई जारी रखी और रिटायरमेंट तक 26 डिग्रियां प्राप्त कर ली थीं, जिसकी संख्यां अब 32 तक पहुंच गई है। डा. मिल्खी राम बीए प्रभाकर, बीएड, एलएलबी, जेएमसी, संस्कृत, एमए हिंदी, एमए पॉलीटिक्ल साइंस, सोशोलॉजी, हिस्ट्री, इंग्लिश, इकनोमिक्स, एमबीए, एम फिल और हिंदी में पीएचडी सहित अन्य डिग्रीयां प्राप्त की हैं। उनकी धर्मपत्नी विद्या देवी भी फोरेस्ट विभाग से ग्रेड वन पद से ही सेवानिवृत हुई हैं। जबकि बेटा राकेश कुमार इंडियन रेलवे में आईआरटीएस ऑफिसर हैं।
डा. मिल्खी राम ने कहा कि वह डा. बाबा भीमराव अंबेडकर से काफी प्रेरित हैं। इसके अलावा उनकी धर्मपत्नी विद्या देवी का भी उन्हें भरपूर समर्थन मिला है, तभी वह अपनी पढ़ाई अभी तक जारी रख पाए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और बहू का भी उन्हें पूरा समर्थन मिल रहा है। आखों का भी हाल ही में उपचार करवाया था, ताकि पढऩे में कोई दिक्कत न आ सके। इग्नू केंद्र हमीरपुर के इंचार्ज डा. संजय कुमार ने कहा कि इग्रू सेंटर हमीरपुर में मंगलवार को सबसे उम्रदराज डा. मिल्खी राम परीक्षा देने पहुंचे हैं, जोकि प्रेरणास्त्रोत हैं। डा. मिल्खी राम का इग्नू सेंटर हमीरपुर में पहुंचने पर फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया। क्योंकि 75 वर्ष की आयु में जहां लोगों को पढऩे में दिक्कत आती है, तो वहीं मिल्खी राम परीक्षा देने में डटे हुए हैं।