झारखंड में कोरोना के चलते विभिन्न संकायों के ऑनलाइन स्कॉलरशिप फॉर्म भरने से वंचित रहने वाले छात्रों के लिए ई-कल्याण स्कॉलरशिप पोर्टल को खोलने की मांग की गई है. आदिवासी कल्याण आयुक्त ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को अवगत कराने के लिए उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विभाग से अनुरोध किया है.

झारखंड में ई-कल्याण स्कॉलरशिप पोर्टल (e-Kalyan Scholarship Portal) खोलने से बीएड समेत अन्य माध्यमों के छात्रों को स्कॉलरशिप का लाभ मिलेगा. कोविड-19 महामारी के कारण बी.एड. सत्र के अनियमित रहने एवं नामांकन प्रक्रिया में विलंब होने के फलस्वरूप शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए बी.एड. के छात्र-छात्राओं तथा अन्य माध्यमों से छात्रवृत्ति हेतु ई-कल्याण पोर्टल खोलने का अनुरोध किया गया है ताकि, वे शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए आवेदन कर सकें. इनका कहना है कि ये आगे कि पढ़ाई के लिए पूरी तरह छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं.
बंद चल रहा है पोर्टल
झारखंड में ई-कल्याण पोर्टल 10 फरवरी को ही बंद कर दिया गया था. इसके कारण बीएड द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी व अन्य वोकेशनल संकायों के विद्यार्थी फॉर्म भरने से वंचित हो गए. एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि राज्य में बीएड व वोकेशनल का शुल्क अधिक होने के कारण कोरोना के इस दौर में विद्यार्थी दोहरी मार झेल रहे हैं. छात्रहित में पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग की गई है.
छात्र-छात्राओं द्वारा किए गए आवेदनों पर छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का भुगतान वित्तीय वर्ष की समाप्ति अर्थात 31 मार्च तक कर दिया जाना था इसलिए आवेदन की तिथि को उसके आगे विस्तारित किया जाना संभव नहीं था. पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप (Post Matric Scholarship) में सन 2019-20 में कुल 2,77,972 छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी तथा कोविड-19 के बावजूद शैक्षणिक सत्र 2020-21 में 2,93,389 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है.
पहले भी उठ चुकी है मांग
ई-कल्याण पोर्टल खोलने के संबंध में अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों ने कल्याण विभाग में अपनी समस्या के समाधान के लिए आवेदन भी दिया. लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका. कई संगठनों ने ई-कल्याण पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की थी. छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) की ओर से भी इस पोर्टल को खोलने की मांग की गई थी.
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