Assam असम: केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम को लेकर कहा कि देशभर में आयोजित इस पहल ने युवाओं और विद्यार्थियों को अपनी बात रखने का महत्वपूर्ण अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस संवाद के माध्यम से युवाओं का मार्गदर्शन किया। सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में भी खेलो इंडिया संवाद का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और खेल, युवा विकास तथा भविष्य की संभावनाओं से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान कई सवाल पूछे और अपने सुझाव भी साझा किए। उन्होंने युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रमों से नई सोच और प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी जरिया है। युवाओं को खेलों से जोड़ना देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार युवाओं को आगे बढ़ाने और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए काम कर रहे हैं। खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें बेहतर अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने कार्यक्रम में उत्साह के साथ भाग लिया और अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि युवाओं के सुझाव भविष्य की योजनाओं को बेहतर बनाने में मददगार साबित होते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असम सहित पूर्वोत्तर भारत में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि उन्हें सही मंच, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को खेल, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खेलो इंडिया संवाद इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों में भी उत्साह देखने को मिला। छात्रों ने खेल और युवा विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सर्बानंद सोनोवाल ने विश्वास जताया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश के युवा अपनी क्षमता को पहचानेंगे और भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में योगदान देंगे।