Hospice. धर्मशाला। प्रदेश के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से बेहद महत्त्वपूर्ण जिला कांगड़ा की जिला परिषद की जंग में भारतीय जनता पार्टी ने बाजी मार ली है। जिला परिषद की कुल 54 सीटों के घोषित परिणामों में भाजपा 26 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके अलावा आठ वह जिला परिषद सदस्य जीत कर आए हैं जो भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़े थे। ऐसे में यह अपनी पार्टी के साथ खड़े हुए तो भाजपा का आंकड़ा 34 पहुंच जाएगा। वहीं, प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस के खाते में महज 14 सीटें ही आई हैं। जबकि कांग्रेस के दो बागी चुनाव जीते हैं ऐसे मेंं कांग्रेस की संख्या 16 हो सकती है।
इस चुनाव में सबसे दिलचस्प और निर्णायक भूमिका बागियों और निर्दलीयों ने निभाई है, जिन्होंने कई दिग्गजों के समीकरण बिगाड़ दिए। कुल परिणामों में 4 निर्दलीय ने जीत दर्ज कर जिला परिषद के गठन में अपनी अहमियत साबित कर दी है। चुनाव परिणामों के विश्लेषण से साफ है कि भाजपा ने जिले के कई गढ़ों में एकतरफा जीत हासिल की है। इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने अद्भुत प्रदर्शन करते हुए सभी 4 सीटों (डमटाल, गंगथ, शेखपुर और इंदौरा) पर क्लीन स्वीप कर कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया। इसी तरह सुलाह विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने 4 में से 3 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि एक सीट कांग्रेस के बागी के खाते में गई। कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा ने तियारा, खोली और दौलतपुर वार्ड जीतकर अपना दबदबा कायम रखा।