Vellore वेल्लोर। तमिलनाडु के वेल्लोर में एक नवनिर्मित CSI चर्च की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। मंडई कृष्णापुरम इलाके में हुए इस हादसे के दौरान 14 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की शुरुआती जानकारी सामने आई। घटना के तुरंत बाद फायर सर्विस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। NDRF की टीम को भी राहत एवं बचाव अभियान के लिए बुलाया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अलग-अलग बचाव प्रयासों के दौरान करीब 12 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
NDRF के डिप्टी कमांडेंट सुधाकर ने बताया कि वेल्लोर जिला कलेक्टर की ओर से इमारत गिरने की सूचना मिलने के बाद चौथी बटालियन की करीब 40 सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंची। NDRF को शुरुआत में जानकारी दी गई थी कि मलबे में चार लोग फंसे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि NDRF की टीम के मौके पर पहुंचने तक फायर सर्विस के जवान उन चार लोगों को पहले ही निकाल चुके थे। इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर NDRF ने यह सुनिश्चित करने के लिए तलाशी अभियान चलाया कि मलबे में कोई अन्य व्यक्ति फंसा तो नहीं है।
NDRF की ओर से घटनास्थल पर दो चरणों में कैनाइन सर्च यानी प्रशिक्षित खोजी कुत्तों की मदद से तलाशी ली गई। मलबे और क्षतिग्रस्त हिस्सों की जांच की गई, ताकि किसी संभावित फंसे व्यक्ति का पता लगाया जा सके। हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य प्राथमिकता के साथ चलाया गया। निर्माणाधीन या नवनिर्मित इमारत की छत अचानक किस कारण से गिरी, इसकी विस्तृत आधिकारिक वजह फिलहाल सामने नहीं आई है।
घटना के समय मौके पर कई मजदूर मौजूद बताए जा रहे थे। शुरुआती सूचनाओं में 14 से अधिक श्रमिकों के फंसने की बात सामने आई थी, जबकि बाद में बचाव एजेंसियों ने लोगों को मलबे से बाहर निकाला। प्रशासन की ओर से हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी कारणों या किसी अन्य वजह से छत गिरी, यह जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल बचाव एजेंसियों का जोर घटनास्थल की पूरी तरह तलाशी लेकर यह सुनिश्चित करने पर है कि मलबे में कोई व्यक्ति न छूटे।
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