कर्मचारी की हत्या करने वाले लुटेरे गिरफ्तार

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Update: 2025-07-31 01:13 GMT

गोरखपुर। गोरखपुर से मुंबई जाने के लिए निकले 50 वर्षीय नवीन यादव की लूट के बाद हत्या की गई थी। पुलिस ने बुधवार रात बाराबंकी से वारदात में शामिल एक आटो चालक के साथी अजय यादव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने लूट के बाद भारी वस्तु से सिर पर प्रहार कर हत्या करने और शव फतेह अली तालाब के पास फेंकने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसके पास से लूट का मोबाइल, बैग और 15 हजार रुपये बरामद कर लिए।

इंस्पेक्टर नाका वीरेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक नवीन यादव गोरखपुर के रायगंज के रहने वाले थे। वह मुंबई में एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। 24 जुलाई को लखनऊ आलमबाग बस अड्डे पर पहुंचे थे। चारबाग से उन्हें पुष्पक ट्रेन पकड़नी थी। इसके बाद वह चारबाग जाने के लिए आटो पर बैठे। आटो में अजय यादव भी था। अजय यादव ने अपने साथी चालक के साथ मिलकर नवीन का मोबाइल, पर्स और बैग लूट लिया। इसके बाद भारी वस्तु से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। शव फतेहअली तालाब के पास फेंक दिया था। इसके बाद वह भाग निकला था। नवीन के भाई सचिन यादव की तहरीर पर 27 जुलाई को गमुशुदगी दर्ज की गई थी। तफ्तीश में लगी पुलिस टीम ने सीसी कैमरे खंगाले तो आलमबाग बस अड्डे के बाहर से उसे ले आटो से जाते देखा गया था। उधर, आलमबाग पुलिस ने शव बरामद करने के बाद पोस्टमार्टम हाउस भेजा। पोस्टमार्टम में 72 घंटे तक शिनाख्त न हो पाने के बाद पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार भी करा दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट मिली और शरीर में कई अन्य जगह भी चोटे थी।

  सचिन यादव ने बताया कि 24 जुलाई को आटो चालक ने पहले भाई के मोबाइल से वीडियो काल की थी। उसने रुपयों की मांग की थी। भाई भी साथ दिखा था। फिर उसने फोन काट दिया। दोबारा मिलाया तो मोबाइल स्विच आफ हो गया था। इसके बाद अगले दिन लखनऊ पहुंचकर नाका कोतवाली में तहरीर दी थी। सचिन ने बताया कि भाई का अज्ञात में अंतिम संस्कार हो गया। एक थाने की पुलिस ने अंतिम संस्कार कर दिया दूसरी भाई की खोजबीन करती रही। पूरा भरा पुरा परिवार था पर भाई को कंधा तक नहीं दे सके। रात सचिन आलमबाग थाने पहुंचे। वहां इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र सरोज ने उन्हें सचिन के कपड़े और शव की फोटो दिखाई। वह देखकर उन्होंने पहचान की।

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