कफोटा। राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर कमरऊ गांव के बीच तय मानकों के हिसाब से सडक़ निर्माण न होने पर ग्रामीण फिर आग बबूला हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है क गांव क्षेत्र में सडक़ निर्माण निर्धारित मानकों के हिसाब से नहीं हुआ है न ही प्रशासन और मोर्थ ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की है। उधर, इस संबंध में समाजसेवी नाथूराम चौहान की उपस्थिति में कमरऊ के ग्रामीणों की एक बैठक आयोजित हुई, जिसमें निर्णय लिया गया है कि यदि 28 फरवरी तक सडक़ का कार्य शुरू नहीं किया गया या प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट नहीं कि तो ग्रामीण सडक़ चौड़ीकरण कंपनी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। बैठक में ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन और मोर्थ के लापरवाही के चलते कंपनी ने गांव क्षेत्र में बेहद तंग सडक़ का निर्माण किया है।
सडक़ तंग होने के चलते यहां दुर्घटना में एक 11 वर्षीय बच्चे की दुखद मृत्यु भी हो चुकी है। इसके बाद ग्रामीण ने जब आक्रोश प्रकट किया तो मोर्थ सहित निर्माण कंपनी ने यहां निर्धारित मानकों के हिसाब से सडक़ निर्माण की बात कही थी। मगर 2 महीने बीत जाने के बावजूद यहां सडक़ का कार्य शुरू नहीं हुआ है। बैठक में उपस्थित समाजसेवी नाथूराम चौहान ने कहा कि सडक़ पर स्पीड ब्रेकर और फुटओवर ब्रिज बनाने की भी बात हुई थी। फुट ओवर ब्रिज का काम अभी तक शुरू नहीं किया गया है जबकि तंग सडक़ पर बेहद खतरनाक स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं। जिसकी वजह से यहां दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और मोर्थ इस मामले में स्थिति स्पष्ट करें। अन्यथा 28 फरवरी से आंदोलन शुरू होगा। आंदोलन की शुरुआत एसडीएम कार्यालय के घेराव से होगी। इसके बाद आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी। नाथूराम चौहान ने चेतावनी दी है कि जनता की जान से खिलवाड़ ना किया जाए। समय रहते सभी कार्य पूरे किए जाएं। अन्यथा प्रशासन और मोर्थ बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहे।