झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित अनियमितता को लेकर छात्र आंदोलन जारी

Update: 2026-08-08 05:23 GMT

रांची। झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। करीब दो सप्ताह से चल रहे इस आंदोलन के बीच शुक्रवार देर रात सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक बैठक हुई। रांची स्थित राजकीय अतिथिशाला में करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में छात्र प्रतिनिधियों ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई मुद्दे सरकार के सामने रखे।

बैठक का माहौल सकारात्मक बताया गया, लेकिन छात्रों की सबसे प्रमुख मांग सीबीआई जांच को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका सत्याग्रह आंदोलन जारी रहेगा।

करीब दो घंटे चली सरकार और छात्रों की बैठक

सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। छात्रों ने कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठाए।

छात्र प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने अपनी मांगों को रखते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों के कारण हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।

सरकार की ओर से भी छात्रों की समस्याओं और मांगों पर विचार करने का भरोसा दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, बैठक के दौरान किसी भी मांग पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका।

सीबीआई जांच की मांग पर बनी रही स्थिति

छात्र आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराना है। छात्र संगठनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराना जरूरी है।

छात्रों का तर्क है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप गंभीर हैं। ऐसे में केवल विभागीय या स्थानीय स्तर की जांच से उनकी शंकाएं दूर नहीं होंगी। वे पूरे मामले की स्वतंत्र जांच चाहते हैं ताकि दोषियों की पहचान हो सके और जिम्मेदारी तय की जा सके।

सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा तो हुई, लेकिन सीबीआई जांच कराने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया। यही वजह रही कि बैठक के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त करने के बजाय इसे जारी रखने का निर्णय लिया।

सकारात्मक माहौल में हुई बातचीत

बैठक में शामिल छात्र प्रतिनिधियों के मुताबिक, सरकार के साथ बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा। छात्रों ने अपनी मांगों को विस्तार से सरकार के सामने रखा और भर्ती परीक्षाओं से संबंधित समस्याओं पर चर्चा की।

हालांकि, छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र प्रतिनिधियों ने सरकार से अपेक्षा जताई कि वह जल्द से जल्द उनकी मांगों पर निर्णय लेकर भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों के बीच पैदा हुई असमंजस की स्थिति को खत्म करेगी।

करीब दो सप्ताह से आंदोलनरत हैं छात्र

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले करीब दो सप्ताह से जारी है। छात्र विभिन्न स्थानों पर धरना और सत्याग्रह कर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचा रहे हैं।

आंदोलन में जेपीएससी और जेएसएससी समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थी शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा असर उनके करियर और भविष्य पर पड़ता है।

कई अभ्यर्थी लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी सामने आने पर उनके बीच नाराजगी बढ़ी है।

पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल

छात्रों की ओर से भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार और संबंधित भर्ती संस्थाओं की जिम्मेदारी है।

छात्र संगठनों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और जिन मामलों में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच हो।

इसके साथ ही छात्र यह भी चाहते हैं कि यदि जांच में किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

आंदोलन समाप्त करने को लेकर फिलहाल सहमति नहीं

सरकार के साथ बैठक के बाद भी छात्र आंदोलन समाप्त करने के पक्ष में नहीं हैं। छात्रों ने साफ किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णय नहीं होता, तब तक सत्याग्रह जारी रहेगा।

छात्र प्रतिनिधियों के मुताबिक, सरकार के साथ बातचीत को सकारात्मक शुरुआत माना जा सकता है, लेकिन अभी आंदोलन खत्म करने की स्थिति नहीं बनी है। सीबीआई जांच पर निर्णय नहीं होने के कारण छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

सरकार के सामने चुनौती

छात्र आंदोलन के जारी रहने से सरकार के सामने भी भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों का समाधान करने की चुनौती है। झारखंड में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी करते हैं। ऐसे में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता का मुद्दा सीधे तौर पर हजारों अभ्यर्थियों से जुड़ा हुआ है।

सरकार और छात्रों के बीच पहली औपचारिक बातचीत को आगे की वार्ता का आधार माना जा सकता है। यदि दोनों पक्षों के बीच आगे भी बातचीत जारी रहती है तो किसी समाधान तक पहुंचने की संभावना बनी रहेगी।

आगे की रणनीति पर छात्रों की नजर

फिलहाल छात्र प्रतिनिधि सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। सीबीआई जांच की मांग पर फैसला होने के बाद ही आंदोलन को लेकर अगली रणनीति तय होने की संभावना है।

छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई करे और भर्ती व्यवस्था में ऐसा सुधार किया जाए जिससे भविष्य में इस तरह की शिकायतें सामने न आएं।

इस बीच, पहली औपचारिक बैठक से बातचीत का रास्ता जरूर खुला है, लेकिन सीबीआई जांच जैसे अहम मुद्दे पर निर्णय नहीं होने के कारण छात्रों का सत्याग्रह फिलहाल जारी है। अब सभी की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली अगली बातचीत तथा इस मुद्दे पर सरकार के संभावित फैसले पर टिकी है।

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