Market. मंडी। मंडी आईआईटी में हिमालय के खतरों पर मंथन हुआ है। यहां बाढ़ और भूकंप की स्थिति गंभीर बनी हुई है। हिमालयन रेंज में जलवायु परिवर्तन की आवृत्ति और तीव्रता वर्तमान समय में पहले से ज्यादा बढी है। मंडी आईआईटी में तीन दिनों तक हिमालय में बढे खतरों से अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोधकर्ताओं ने अवगत करवाया है और साफ कहा है कि अब आपदा प्रबंधन से आगे इससे निपटने का मसौदा बनाना होगा और शोध के बाद सुझाए रास्तों को धरातल पर अपनाना होगा। इस सम्मेलन में जॉर्जिया, कैलिफोर्निया और लंदन के शोधकर्ताओं ने हिमालय के खतरों से अवगत करवाया है।
सम्मेलन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की भागीदारी रही। पूर्ण अधिवेशन व्याख्यानों में जॉर्जिया प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर जे डेविड फ्रॉस्ट तथा कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, मर्सिड के प्रोफेसर सफीक खान शामिल रहे। इसके अलावा इंपीरियल कॉलेज लंदन, मिशिगन स्टेट विश्वविद्यालय, विभिन्न आईआईटी, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र तथा केंद्र सरकार की विभिन्न संस्थाओं के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए हैं। मंडी आईआईटी में इस सम्मेलन को अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन, टाटा ट्रस्ट्स तथा केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का सहयोग प्राप्त हुआ। मैकाफेरी तकनीकी सहयोगी और स्प्रिंगर नेचर प्रकाशन सहयोगी के रूप में सम्मेलन से जुड़े रहे।