Kangra. कांगड़ा। पठानकोट-मंडी फोरलेन सडक़ पर सुखद सफर के लिए लोगों को अभी कई साल इंतजार करना पड़ेगा। कछुआ गति चले काम से आए दिन लोगों को गड्ढों में हिचकोले खाते हुए धूल में सफर करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों का रोष केंद्र सरकार के खिलाफ बढ़ता जा रहा है। दूसरी तरफ एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाने शुरू कर दिए है। लोगों का कहना है कि महीनों के काम को जानबूझ कर सालों तक पूरा नहीं किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश को फोरलेन का सपना दिखाकर केंद्र सरकार खुद सो गई है। इस बार बरसात में लोगों की दिक्कतें और भी बढ़ सकती है। दरंग में पर बन रहे पुल का निर्माण कार्य लगभग दो महीनों से लटका हुआ है। नवनिर्मित पुल के ऊपर सरिए को बिछाए हुए दो महीनों से ज्यादा का अरसा बीत चुका है और सरिया जंग लगने के कारण काला पड़ गया हैं।
जिस धीमी गति से फोरलेन के पुलों तथा फ्लाइओवर का निर्माण कार्य चल रहा है। फोरलेन के निर्माण में यूपी के विशेषज्ञ इंजीनियर भी जुटे हुए हैं, जिसे देखकर रोज गुजरने वाले यात्री सोच रहे थे कि कोई नया कमाल इस फोरलेन पर देखने को मिलेगा पर धरातल पर तस्वीर उसके बिल्कुल विपरीत है। फोरलेन के धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य से इस बरसात भी मरीजों, यात्रियों, स्कूली छात्रों व कर्मचारियों सहित स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। डेढ़ वर्ष का अरसा बीत जाने के बाद भी फ्लाइओवर का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। एनएचएआई के पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य के सुस्त व धीमी गति के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों तथा यात्रियों सहित स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों को झेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हर रोज सफर करने वाले स्कूली छात्र धूल भरे मार्ग पर धूल फांकते हुए देरी से स्कूल पहुंच रहे हैं।