राहुल गांधी की प्रेस कांफ्रेंस LIVE

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Update: 2026-07-22 10:58 GMT

नई दिल्ली: राहुल गांधी प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा, "सवाल यह है कि हमारे छात्रों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है? आखिर हमारे छात्रों ने ऐसा क्या किया है? हजारों-हजार छात्र हैं, उन्होंने ऐसा कौन-सा अपराध किया है कि उन पर सुरक्षा बल हथियार तानें, उन्हें पीटा जाए, उनके साथ मारपीट की जाए और उनका अपमान किया जाए?"

"छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। वे सिर्फ अपनी मांगें रख रहे हैं. वे वही मांग रहे हैं, जिसका इस देश के छात्र होने के नाते उन्हें अधिकार है. वे कोई अपराध नहीं कर रहे हैं। वे सिर्फ इतना कह रहे हैं कि हमें ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहिए जो ठीक से काम करे, जो निष्पक्ष हो. लेकिन आज हमारे पास ऐसी व्यवस्था नहीं है."
राहुल गांधी ने आगे कहा, "बच्चों ने आत्महत्या तक की है, हमारे छात्र असीमित तनाव से गुजरते हैं और फिर आखिरी समय में उन्हें बताया जाता है कि परीक्षा का पेपर लीक हो गया है. यह एक वास्तविक और गंभीर समस्या है, जो अब देश में बहुत गहरी हो चुकी है." राहुल गांधी ने कहा "हर किसी के लिए यह साफ है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था, जिसे कभी दुनिया की सबसे बेहतरीन शिक्षा प्रणालियों में गिना जाता था, आज गंभीर संकट का सामना कर रही है."
राहुल गांधी ने कहा, "इस समस्या से 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं. ये सभी मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों से आते हैं. वे अपनी मेहनत की कमाई अपने बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं, लेकिन उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है मानो उनकी मेहनत और उम्मीदों का कोई मूल्य ही न हो."
उन्होंने आगे कहा, "सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े मामलों के बावजूद एक भी दोषसिद्धि (Conviction) नहीं हुई है. पिछले 10 वर्षों में 152 बार परीक्षा पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं."
राहुल गांधी ने कहा, "कोई व्यक्ति या लोगों का एक समूह हमारी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रहा है. भारत की सबसे मूल्यवान संपत्ति उसकी शिक्षा व्यवस्था और उसके छात्र हैं, लेकिन उनके भविष्य को नष्ट किया जा रहा है."
उन्होंने आगे कहा, "सरकार क्या कर रही है? एक भी दोषसिद्धि (कन्विक्शन) नहीं हुई है. यही पहला और पूरी तरह से जायज़ कारण है कि हमारे युवा सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं."

व्यवस्था और नीट परीक्षा घोटाला के खिलाफ जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन अब पूरे देश में फैल गया है. संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें कई लोग हिरासत में लिए गए. मंगलवार शाम राहुल गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. इसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर दमन का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने विपक्ष पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया. इसके बाद बुधवार सुबह संसद परिसर में काले कपड़े में विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.

दिल्ली के अलावा पटना, भोपाल, लखनऊ, मुंबई, अहमदाबाद समेत कई शहरों में बुधवार दोपहर को प्रदर्शन हुआ. पटना की सड़कों पर तो बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर भिड़ गए. इस दौरान पत्थरबाजी की घटना हुई.
संसद भवन परिसर में धरने पर बैठे सांसद चंद्रशेखर से केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मुलाकात की है. मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री से पूछा कि पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया? वे हमारे ही बच्चे हैं.
CJP ने जंतर-मंतर से अपडेट जारी करते हुए कहा कि आज के लिए प्रदर्शनकारियों के पास पर्याप्त भोजन है. संगठन ने समर्थकों से अपील की है कि वे फिलहाल और खाना न भेजें, ताकि किसी भी तरह की खाद्य सामग्री बर्बाद न हो. साथ ही, CJP ने सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद भी किया.
दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने से दिल्ली पुलिस, RAF और CAPF के 200 से अधिक जवान घायल हो गए. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने NEET पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए आम सहमति बनाने के उद्देश्य से सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से अलग-अलग बैठक करेंगे. यदि विपक्ष सहमत होता है, तो सरकार कल से इस मुद्दे पर चर्चा शुरू करने के लिए तैयार है.
दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर अहम बैठक जारी है. बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और नितिन नवीन मौजूद हैं. बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने पहले सरकार से बातचीत की मांग की थी, जिसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने का तुरंत अवसर दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान प्रदर्शन न करने का आश्वासन देने के बावजूद बाद में झूठे नैरेटिव और फर्जी खबरें फैलाई गईं.
कॉकरोच पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि मिजोरम के आइजोल में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP प्रदर्शन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में रैली निकाली गई. प्रदर्शनकारियों ने राजनीतिक जवाबदेही की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई.
मॉनसून सत्र के तीसरे दिन संसद को दोनों सदन में हंगामा देखने को मिला. इन सब के बीच किरेन रिजिजू ने कहा है कि पेपर लीक को लेकर सरकार चर्चा करने को तैयार है. हालांकि, लोकसभा की कार्यवाही एक बार फिर से स्थगित कर दिया गया है.
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