नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी मुद्दे पर गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास पर INDI गठबंधन के नेताओं और सांसदों की अहम बैठक हुई। बैठक में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी शरद गुट की नेता सुप्रिया सुले, राज्यसभा सांसद जयराम रमेश सहित विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इसके अलावा आरजेडी, कांग्रेस और गठबंधन के अन्य दलों के कई सांसद भी राहुल गांधी के आवास पहुंचे।
बैठक के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि INDI गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से गांधी स्मृति जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष उन छात्रों को याद करने जा रहा है जिन्होंने NEET पेपर लीक मामले के बाद कथित तौर पर अपनी जान गंवाई। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष उन छात्रों के साथ खड़ा है जो न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि देश के छात्र अकेले नहीं हैं और पूरा विपक्ष उनके अधिकारों तथा मांगों के साथ खड़ा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।
विपक्ष लगातार NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार पर हमला बोल रहा है। INDI गठबंधन के नेताओं की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
वहीं, सरकार ने भी इस मामले पर अपना पक्ष रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द न्याय सुनिश्चित करने की बात कही है। सरकार ने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए भी अपनी सहमति जताई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि सरकार विपक्ष के साथ बातचीत के लिए तैयार है और NEET मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की जा सकती है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी कहा कि सरकार ने बातचीत के कई प्रस्ताव दिए हैं और वह खुले मन से इस विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
हालांकि, प्रदर्शनकारी संगठनों ने सरकार के बातचीत के प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बातचीत किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए। कुछ संगठनों ने केंद्रीय मंत्री के आवास पर बैठक करने के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
इस बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने INDI गठबंधन की बैठक और नेताओं के गांधी स्मृति जाने के फैसले पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर विपक्ष की रणनीति को लेकर सवाल उठाए और इसे राजनीतिक प्रदर्शन बताया।
NEET पेपर लीक मामला संसद के मानसून सत्र में भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अब आने वाले दिनों में इस मामले पर संसद के अंदर और बाहर राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है। छात्रों की मांग, परीक्षा प्रणाली में सुधार और जांच की दिशा पर सभी की नजर बनी हुई है।