उत्तर प्रदेश

सहारा शहर में दिखेगा यूपी की नई विधानसभा का स्वरूप

Saba Naaz
23 July 2026 7:36 PM IST
सहारा शहर में दिखेगा यूपी की नई विधानसभा का स्वरूप
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उत्तर प्रदेश: जल्द ही नया और आधुनिक विधान भवन परिसर मिलने जा रहा है। राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित सहारा शहर की जमीन पर प्रस्तावित इस मेगा प्रोजेक्ट की तैयारियां तेज हो गई हैं। नए विधान भवन का मॉडल लगभग तैयार हो चुका है और इसकी डिजाइन कमल के फूल से प्रेरित होगी। सरकार का दावा है कि यह परिसर प्रदेश की आधुनिक पहचान और स्थापत्य कला का नया केंद्र बनेगा।

प्रस्तावित नए विधान भवन परिसर का निर्माण करीब 200 से 245 एकड़ क्षेत्रफल में किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 5,200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सरकार की योजना है कि इसे वर्ष 2029-30 तक पूरा कर लिया जाए। इस मेगा प्रोजेक्ट के शुरुआती मास्टर प्लान, डिजाइन और कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया के लिए प्रदेश सरकार ने बजट 2026-27 में 100 करोड़ रुपये के शुरुआती टोकन अमाउंट का प्रावधान किया है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ओर से इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए देश की 48 कंसल्टेंट संस्थाओं ने अपने डिजाइन और मास्टर प्लान प्रस्तुत किए थे। इनमें से 12 डिजाइन का परीक्षण किया गया और तीन प्रमुख डिजाइन शासन को भेजे गए। इनमें कमल के फूल के आकार वाली डिजाइन को सबसे ज्यादा पसंद किया गया है।

नए विधान भवन का मुख्य ढांचा ऊपर से देखने पर कमल की पंखुड़ियों जैसा नजर आएगा। इस डिजाइन को भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के मेल के रूप में तैयार किया गया है। कमल को भारतीय परंपरा में पवित्रता, विकास और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसी थीम को ध्यान में रखते हुए भवन की संरचना तैयार की गई है।

प्रस्तावित परिसर में 700 सीटों वाली विधानसभा, 200 सीटों वाली विधान परिषद और करीब 1,000 सीटों वाला संयुक्त सत्र हॉल बनाया जाएगा। इसके अलावा 5,000 से अधिक वाहनों की पार्किंग, आधुनिक सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास, विधायक हॉस्टल और वीवीआईपी प्रशासनिक ब्लॉक भी परिसर का हिस्सा होंगे।

नए भवन में अत्याधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसमें ई-विधानसभा प्रणाली, डिजिटल मीटिंग हॉल, शोध केंद्र, लाइब्रेरी और आधुनिक कार्यालय बनाए जाएंगे। परिसर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की भी योजना है। इसके तहत सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और बड़े पैमाने पर हरियाली विकसित की जाएगी।

इस परियोजना की एक खास बात यह होगी कि इसमें उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। प्रस्तावित परिसर में 75 जिलों के प्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग चर्चा और बैठक क्षेत्र बनाए जाने की योजना है। इससे विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास योजनाओं पर बेहतर तरीके से चर्चा कर सकेंगे।

सरकार का उद्देश्य नए विधान भवन को केवल कानून बनाने वाली जगह तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे प्रदेश के विकास का मॉडल सेंटर बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाओं से लैस यह परिसर शासन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

नए विधान भवन की जरूरत इसलिए भी महसूस की जा रही है क्योंकि मौजूदा विधान भवन 102 साल पुराना है। वर्तमान भवन का निर्माण ब्रिटिश शासनकाल में हुआ था। इसकी आधारशिला 15 दिसंबर 1922 को रखी गई थी और करीब छह साल बाद 21 फरवरी 1928 को इसका उद्घाटन किया गया था। उस समय इस भवन के निर्माण में लगभग 21 लाख रुपये खर्च हुए थे।

पुराना विधान भवन अपनी शानदार वास्तुकला के लिए आज भी जाना जाता है। इसे प्रसिद्ध आर्किटेक्ट सर स्विंटन जैकब और हीरा सिंह ने डिजाइन किया था। इसमें चुनार के बलुआ पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है और इसकी अष्टकोणीय गुंबद, जालीदार नक्काशी और भारतीय व रोमन शैली की कला इसे खास बनाती है।

हालांकि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार नए विधान भवन की तैयारी कर रही है। परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए नए परिसर में अधिक विधायकों के बैठने की व्यवस्था रखी जाएगी। नया विधान भवन उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप और भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

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