राहुल गांधी का धर्मेंद्र प्रधान पर हमला, बोले शिक्षा मंत्री फेल

Update: 2026-07-22 11:17 GMT

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश में पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिससे करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों को परेशानी उठानी पड़ी है। राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा व्यवस्था संभालने में विफल बताते हुए सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

राहुल गांधी ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र केवल अपनी समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आवाज उठा रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं का असर केवल परीक्षा देने वाले छात्रों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके परिवारों पर भी पड़ता है। राहुल गांधी के अनुसार, पेपर लीक से लगभग 7.5 करोड़ परिवार प्रभावित हुए हैं और युवाओं में व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि इतने मामलों के बावजूद दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा टूटता है और उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने सरकार से परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने की मांग की।

राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली को सुधारने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और बेहतर शिक्षा व्यवस्था चाहिए, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

नीट परीक्षा का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि नीट परीक्षा की तैयारी और उससे जुड़ी प्रक्रिया में छात्र बड़ी रकम खर्च कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।

उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि पेपर लीक और परीक्षा संबंधी समस्याओं को रोकने में शिक्षा मंत्रालय सफल नहीं रहा है। राहुल गांधी ने उन्हें शिक्षा मंत्री के तौर पर विफल बताया और कहा कि सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

वहीं, सरकार की ओर से इस तरह के आरोपों पर लगातार जवाब दिया जाता रहा है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून और सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया है।

राहुल गांधी ने छात्रों की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सुनने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर देश में लंबे समय से बहस चल रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्र पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर परीक्षाओं की मांग करते रहे हैं। राहुल गांधी के इस बयान के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधार को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

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