Rajasthan राजस्थान। कोटा में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। एक प्राइवेट स्कूल वैन अचानक पलट गई, जिसमें सवार दो बच्चों की मौत हो गई जबकि 10 अन्य बच्चे घायल हो गए। हादसे में घायल चार बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें एमबीएस अस्पताल (MBS Hospital) में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की स्थिति का जायजा लिया। घटना कोटा जिले के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, स्कूल वैन में 12 बच्चे सवार थे, जबकि वैन की अधिकृत क्षमता केवल सात सीटों की थी। बताया जा रहा है कि रास्ते में अचानक वैन का टायर फट गया, जिसके कारण चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया। अनियंत्रित वैन सामने से आ रही बोलेरो (Bolero) से जा टकराई और पलट गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन सड़क किनारे पलटते हुए कई फीट तक घिसट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। घायलों को पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से चार बच्चों को गंभीर हालत में एमबीएस अस्पताल रेफर किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा पूरी तरह लापरवाही का नतीजा था। स्कूल वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बिठाया गया था और चालक ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी की थी। पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है और स्कूल प्रबंधन एवं चालक के खिलाफ लापरवाही से जान लेने का मामला दर्ज किया है।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एमबीएस अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक घटना है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में चल रही सभी स्कूल वैनों की फिटनेस और सुरक्षा जांच तुरंत कराई जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे हादसे दोबारा न हों, इसके लिए परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करनी होगी। स्थानीय पुलिस ने बताया कि वैन का रजिस्ट्रेशन और परमिट की स्थिति की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि वाहन में स्कूल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी मानकों का पालन नहीं किया गया था। हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे लापरवाह स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाए जो बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।