नई दिल्ली: भारत में इस समय दुनिया के दिग्गज नेता जुटे हैं. BRICS शिखर सम्मेलन के लिए रूस, चीन के साथ ही ईरान, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, इजिप्ट सहित कई अन्य देशों के नेता नई दिल्ली में आए हुए हैं. लेकिन इसके बीच एक और शख्सियत भी देश में आई है. नाम है प्रिंस रहीम आगा खान पंचम. वह बिना किसी सल्तनत के ही सुल्तान हैं. इस्लामी दुनिया में प्रिंस रहीम आगा खान क्यों फेमस हैं? उनको हीलर या मसीहा के तौर पर क्यों जाना जाता है? उन्होंने अमेरिकी मॉडल से शादी क्यों की? भारत में आने के पीछे की वजह क्या है?

दुनिया भर में अपने परोपकारी काम, आध्यात्मिक प्रभाव और शाही जीवनशैली के लिए मशहूर प्रिंस रहीम आगा खान V इन दिनों चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं. शिया इस्माइली मुसलमानों के 50वें इमाम प्रिंस रहीम आगा खान यहां भारत के 6 दिनों के दौरे पर आए हुए हैं. उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. मिलने वालों की फेहरिस्त में राष्ट्रपति द्रौपदी से लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर तक का नाम शामिल है.
Full View
कौन हैं प्रिंस आगा खान?
प्रिंस रहीम आगा खान असल में शिया इस्माइली मुसलमानों के समुदाय के इमाम हैं. उनका असली नाम शाह रहीम अल हुसैनी है, जिन्हें पिता की मौत के बाद प्रिंस आगा खान की उपाधि मिली. इस्माइली मुसलमानों की मान्यता के अनुसार, प्रिंस आगा खान सीधे पैगंबर मोहम्मद साहब के वंशज हैं. इस पोस्ट पर बैठे व्यक्ति को दुनिया भर में तकरीबन डेढ़ करोड़ इस्माइली समुदाय के लोग अपना सर्वोच्च मार्गदर्शक मानते हैं.
इस्माइली समुदाय की बात करें तो यह मुस्लिमों के शिया संप्रदाय के तहत दूसरा सबसे बड़ा संप्रदाय है. ये पैगंबर मोहम्मद साहब के दामाद हजरत अली को पहला इमाम मानते हैं. इस संप्रदाय के लोग पैगंबर की बेटी फातिमा और अली के वंशज को अपना जीवित और वंशानुगत इमाम मानते हैं. वर्तमान में प्रिंस रहीम आगा खान पंचम इस समुदाय के 50वें वंशानुगत इमाम हैं.
वह केवल एक धार्मिक गुरु ही नहीं हैं, बल्कि आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (AKDN) के जरिए ग्लोबल लेवल पर हेल्थ, एजुकेशन, ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे क्षेत्र में अरबों डॉलर के सामाजिक काम को ऑपरेट करते हैं. उन्हें ‘प्रिंस’ की उपाधि उनके शाही वंश और परंपरा की वजह से मिलती है, जो पिछली कई पीढ़ियों से चली ही आ रही है.
Full View
भारत क्यों आए हुए हैं?
प्रिंस आगा खान का भारत से बहुत ही गहरा और ऐतिहासिक नाता रहा है. उनके दादा सुल्तान मोहम्मद शाह आगा खान और उनके पिता करीम आगा खान के समय से ही भारत के साथ इस घराने के सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं. भारत में उनके आने का मकसद देश भर में चल रहे उनके परोपकारी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करना और सांस्कृतिक धरोहरों के के कन्जर्वेशन के कामों का जायजा लेना है.
उनके ट्रस्ट (AKDN) ने दिल्ली के हुमायूं का मकबरा, सुंदर नर्सरी और नागौर के अहछत्रगढ़ किले जैसी ऐतिहासिक जगहों के पुनरुद्धार में ऐतिहासिक काम किया है. इसके अलावा वे भारत सरकार के शीर्ष नेतृत्व और उद्योग जगत के दिग्गजों से मुलाकात कर सामाजिक-आर्थिक विकास के मुद्दों पर चर्चा करते हैं.
कौन हैं उनकी पत्नी?
प्रिंस आगा खान के परिवार की पर्सनल लाइफ हमेशा से ही ग्लैमर और मीडिया की सुर्खियों में रही है. प्रिंस रहीम आगा खान ने साल 2013 में अमेरिकी मॉडल केंद्रा स्पीयर्स से शादी की थी. शादी के बाद केंद्रा स्पीयर्स ने इस्लाम धर्म अपना लिया और उन्हें नया नाम दिया गया- राजकुमारी सलवा आगा खान.
केंद्रा स्पीयर्स एक जानी-मानी फैशन मॉडल रही हैं, जिन्होंने प्राडा, चैनल, लुई विटॉन और वर्साचे जैसे दुनिया के सबसे बड़े फैशन ब्रांड्स के लिए रैंप वॉक किया है. हालांकि कुछ साल पहले दोनों के बीच तलाक हो गया. इसके बाद राजकुमारी फिर से फैशन इंडस्ट्री की अपनी दुनिया में लौट गईं.
इन्हें ‘हीलर’ क्यों मानते हैं लोग?
इस्माइली समुदाय के अनुयायी प्रिंस आगा खान को एक ‘हीलर’ या मसीहा के रूप में देखते हैं, जिसके पीछे उनके धार्मिक और सामाजिक दोनों कारण हैं. आध्यात्मिक रूप से, इस समुदाय का मानना है कि इमाम के पास ईश्वरीय आशीर्वाद होता है जो उनके जीवन के दुखों को दूर करता है और उन्हें सही रास्ता दिखाता है.
प्रैक्टिकल नजरिए से देखें तो दुनिया भर में उनकी तफ चलाए जा रहे अस्पताल, स्कूल, आपदा राहत और रिहैबिलिटेशन सेंटर लाखों बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के जीवन को संवारते रहे हैं. युद्धग्रस्त या गरीब इलाकों में उनकी तरफ से पहुंचाए जाने वाले स्वास्थ्य और राहत कार्यों की वजह से आम जनता और उनके अनुयायी उन्हें किसी हीलर से कम नहीं मानते, जो जीवन और समाज को नई उम्मीद देता है.
Full View
Tags: