BREAKING: सेंट्रल जेल से फरार हुआ पॉक्सो आरोपी, दो जेल कर्मी सस्पेंड
हिल गया जेल प्रशासन
Ambala. अंबाला। हरियाणा की अंबाला सेंट्रल जेल से शनिवार को दिनदहाड़े एक गंभीर अपराध में बंदी अजय कुमार फरार हो गया। अजय कुमार खजूरी बाड़ी, तेहरागच्छ, बिहार का निवासी है और पॉक्सो एक्ट और रेप जैसे गंभीर मामलों में जेल में बंद था। यह घटना 45 दिनों के भीतर दूसरी बार हुई है जब कोई बंदी अंबाला सेंट्रल जेल से फरार हुआ। इससे पहले अगस्त में सुखबीर कालिया नामक बंदी जेल से भाग गया था। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 3 बजे जेल में बंदियों की गिनती की गई तो अजय कुमार गायब मिला। सीसीटीवी फुटेज और जांच में पता चला कि अजय ने जेल के कारखाने की छोटी दीवार लांघी, करीब 18 फुट ऊंचे बिजली के खंभे पर चढ़ा और बिजली की तार पकड़कर मुख्य दीवार पार कर फरार हो गया।
जेल प्रशासन ने इस मामले में हेड वार्डन दिलीप और वार्डन गौरव को सस्पेंड कर दिया है। जेल के उप अधीक्षक ने बलदेव नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। जांच में यह सामने आया कि शनिवार सुबह से ही जेल परिसर में बिजली बार-बार चली जा रही थी, जिससे अजय ने फायदा उठाया। पुलिस ने बलदेव नगर थाने में मामला दर्ज कर फरार बंदी की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी हैं। अजय कुमार पर 17 मार्च 2024 को आईपीसी की धारा 363, 366ए, 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज था। अंबाला सेंट्रल जेल की यह पहली चूक नहीं है। 13 अगस्त को सुखबीर कालिया नामक बंदी जेल से फरार हुआ था। उस समय जेल में सुरक्षा की कमज़ोरी सामने आई थी। सुखबीर ने जेल में सिलेंडर लाने आई गाड़ी के नीचे छिपकर भागने की योजना बनाई थी। इस पर मुख्य वार्डन सतीश और वार्डन आत्माराम को निलंबित किया गया।
एक एएसआई को चार्जशीट किया गया था। फरार अजय कुमार की तलाश में अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर और आसपास के जिलों में नाकेबंदी कर दी गई है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच रही है कि कहीं अजय को बाहर से कोई मदद तो नहीं मिली। बलदेव नगर थाना प्रभारी धर्मबीर ने बताया कि अजय की योजना काफी सोची-समझी लगती है। उसने बिजली कट की स्थिति का फायदा उठाकर फरारी की। जेल प्रशासन अब सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है और आगे की जांच जारी है। अंबाला सेंट्रल जेल की इस दूसरी फरारी ने जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों और जेल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही फरार बंदी को पकड़ने के लिए सभी संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।