सचिवों के साथ पीएम मोदी की मैराथन बैठक संपन्न
PM मोदी की 4 घंटे की मैराथन बैठक, अफसरों को दिया बड़ा मंत्र!
Delhi दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित 'सेवा तीर्थ' में केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ करीब चार घंटे लंबी उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, आम नागरिकों को मिलने वाले लाभ, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज ऑफ लिविंग और आत्मनिर्भर भारत जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सुधारों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाकर जनता तक पहुंचाया जा रहा है और प्रधानमंत्री के विजन को जमीनी स्तर पर लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' दृष्टिकोण अपनाने पर जोर देते हुए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब उनका सकारात्मक और प्रत्यक्ष प्रभाव आम लोगों के जीवन में दिखाई देगा।
पीएम मोदी ने विभागों को पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने, बेहतर योजना बनाने और सटीक जानकारी के आधार पर निर्णय लेने में मददगार साबित हो सकता है। बैठक में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने सचिवों से समयबद्ध तरीके से योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधारों और जनकल्याणकारी पहलों में तेजी लाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुशासन, सेवा वितरण में सुधार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।