Delhi दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 2025 बैच के ऑफिसर ट्रेनी से मुलाकात कर उन्हें भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रधानमंत्री ने युवा राजनयिकों से कहा कि वे पारंपरिक कूटनीतिक दायरों से आगे बढ़कर आम लोगों, स्थानीय समुदायों और भारतीय प्रवासियों (डायस्पोरा) से मजबूत संबंध स्थापित करें। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि युवा राजनयिक भारत की छवि को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे आधुनिक दौर की जरूरतों के अनुसार कूटनीति को अधिक जन-केंद्रित और तकनीक आधारित बनाएं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय मिशनों को तकनीक के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से डिजिटल उपस्थिति मजबूत करने और विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशों में मौजूद भारतीय मिशनों की जिम्मेदारी केवल सरकारी स्तर के संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें वहां के स्थानीय समाज और भारतीय समुदाय के साथ भी सक्रिय रूप से जुड़ना चाहिए। इससे भारत की संस्कृति, परंपरा और विकास की कहानी दुनिया तक बेहतर तरीके से पहुंच सकेगी।
आर्थिक कूटनीति में निभाएं अहम भूमिका
पीएम मोदी ने युवा राजनयिकों को भारत की आर्थिक प्रगति में सहयोगी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विदेशों में तैनात अधिकारी निवेश के नए अवसरों की पहचान करें और भारत के साथ आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भारतीय मिशन देश के आर्थिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत माध्यम बन सकते हैं। निवेश, व्यापार और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में नए अवसर तलाशना आज की कूटनीति का अहम हिस्सा है।
नागरिकों को बेहतर कांसुलर सेवाएं देने पर जोर
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को तेज, आसान और प्रभावी कांसुलर सेवाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर भारतीय नागरिक को यह महसूस होना चाहिए कि विदेश में स्थित भारतीय मिशन उनकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने युवा अधिकारियों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिक राजनयिकों को तकनीक, नवाचार और मानवीय दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा।
भारत की संस्कृति और विरासत को दुनिया तक पहुंचाने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने युवा विदेश अधिकारियों से भारत की सभ्यता, संस्कृति, विरासत और पर्यटन क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी संस्कृति दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र है और राजनयिकों को इसे प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए। IFS अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि नई पीढ़ी के राजनयिक भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को और मजबूत करेंगे और देश के हितों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने में अहम योगदान देंगे।
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