New Delhi. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री महामहिम प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से हाल ही में एक महत्वपूर्ण बातचीत की, जिसमें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की गई। इस बातचीत का उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना, भारत की सुरक्षा चिंताओं को साझा करना और भारतीय समुदाय की भलाई सुनिश्चित करना था। पीएम मोदी ने इस अवसर पर भारत की स्पष्ट नीतियों को रेखांकित किया। उन्होंने रीजनल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और सभी पक्षों से कहा कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की हिंसा और अस्थिरता न केवल स्थानीय देशों, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री शिपिंग और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी खतरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा क्षेत्रीय स्थिरता और शांति का समर्थन किया है और इस दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगा।
बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने समुद्री मार्गों और नेविगेशन की आज़ादी को सुनिश्चित करने की अहमियत पर भी जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइनों को खुला और सुरक्षित रखना न केवल वैश्विक व्यापार के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे क्षेत्रीय देशों के बीच विश्वास और सहयोग भी बढ़ता है। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि किसी भी अवरोध या खतरनाक गतिविधियों से व्यापार और नौवहन प्रभावित नहीं होना चाहिए। सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक और प्रवासी रहते हैं। पीएम मोदी ने इस बातचीत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और उनके कल्याण के लिए क्राउन प्रिंस के लगातार सहयोग की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से धन्यवाद दिया कि संकट और तनाव की परिस्थितियों में भी सऊदी सरकार ने भारतीय नागरिकों के हितों और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह बातचीत क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
दोनों देशों ने सुरक्षा और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की। इसमें विशेष तौर पर ऊर्जा सुरक्षा, व्यापारिक हितों की सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने के लिए साझा रणनीतियों को शामिल किया गया। पीएम मोदी की यह बैठक इस बात का संकेत भी है कि भारत अपने पड़ोसी और क्षेत्रीय देशों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा के मुद्दे केवल भारत और सऊदी अरब के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि भारत क्षेत्रीय संकटों के समाधान में शांतिपूर्ण उपायों का समर्थन करता है और किसी भी तरह की हिंसा या अस्थिरता को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने दोहराया कि भारत हमेशा अपने नागरिकों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। इस प्रकार, पीएम मोदी और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की यह बातचीत क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए अहम कदम मानी जा रही है। साथ ही, भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता देना इस बैठक का एक और महत्वपूर्ण पहलू था।