पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारत और मंगोलिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलिफेंट 2026’ का 18वां संस्करण जारी है। भारतीय सेना और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के जवान इस अभ्यास के दौरान हथियार संचालन, फायरिंग और रूम इंटरवेंशन समेत विभिन्न सैन्य गतिविधियों का प्रशिक्षण ले रहे हैं। दोनों देशों के सैनिकों का मुख्य उद्देश्य आपसी तालमेल, रणनीतिक कौशल और संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को मजबूत करना है।रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘नोमैडिक एलिफेंट 2026’ की शुरुआत 21 सितंबर को पिथौरागढ़ स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में हुई थी। यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 3 अक्टूबर तक चलेगा। यह भारत और मंगोलिया में बारी-बारी से आयोजित होने वाला वार्षिक प्लाटून स्तरीय सैन्य अभ्यास है। मौजूदा संस्करण में भारतीय सेना और मंगोलियाई सशस्त्र बलों की ओर से 45-45 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं।
भारतीय सेना के मुताबिक, अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक गहन प्रशिक्षण गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। हथियारों को प्रभावी तरीके से संचालित करने से लेकर अलग-अलग परिस्थितियों में फायरिंग और कमरे या इमारत के भीतर कार्रवाई करने से जुड़ी रूम इंटरवेंशन ड्रिल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।रूम इंटरवेंशन प्रशिक्षण के दौरान सैनिकों को सीमित स्थान और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान चलाने के लिए तैयार किया जाता है। इस तरह की ट्रेनिंग का उद्देश्य दोनों सेनाओं के जवानों के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ संयुक्त ऑपरेशन के दौरान एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझना है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के तहत अर्ध-शहरी और पर्वतीय इलाकों में उग्रवाद-रोधी अभियानों के लिए दोनों पक्षों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है। पिथौरागढ़ का पर्वतीय क्षेत्र इस तरह के प्रशिक्षण के लिए सैनिकों को अलग-अलग परिस्थितियों में अभ्यास करने का अवसर देता है।‘नोमैडिक एलिफेंट 2026’ के दौरान केवल हथियार संचालन और फायरिंग तक ही प्रशिक्षण सीमित नहीं रखा गया है। इसके प्रशिक्षण कार्यक्रम में घेराबंदी और तलाशी अभियान, रूम इंटरवेंशन ड्रिल, विशेष हेलिबोर्न ऑपरेशन, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण तथा ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम के इस्तेमाल जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है।
विशेष हेलिबोर्न ऑपरेशन के जरिए सैनिकों को हेलिकॉप्टर की मदद से अभियान चलाने से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं आधुनिक सैन्य अभियानों में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए ड्रोन और काउंटर-ड्रोन प्रणालियों को भी अभ्यास में जगह दी गई है। साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण के जरिए दोनों देशों के सैन्यकर्मी आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की प्रक्रियाओं को समझ रहे हैं।अभ्यास का एक प्रमुख उद्देश्य भारतीय और मंगोलियाई सैनिकों को एक-दूसरे के सैन्य अनुभवों और बेहतर कार्यप्रणालियों से परिचित कराना भी है। संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान सैनिक सामरिक स्तर के ऑपरेशन, ऑपरेशनल ड्रिल और अलग-अलग परिस्थितियों में कार्रवाई की प्रक्रियाओं का अभ्यास कर रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों से दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी एक साथ मिलकर अभियान संचालित करने की क्षमता बेहतर होगी। वास्तविक ऑपरेशन जैसी परिस्थितियां तैयार कर सैनिकों को संयुक्त रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे जरूरत पड़ने पर दोनों देशों की सेनाएं बेहतर तालमेल के साथ काम कर सकें।‘नोमैडिक एलिफेंट’ भारत और मंगोलिया के बीच नियमित रूप से आयोजित होने वाला सैन्य अभ्यास है। इसका आयोजन दोनों देशों में बारी-बारी से किया जाता है। इसका पिछला यानी 17वां संस्करण मई-जून 2025 में मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित किया गया था। इसके बाद 18वें संस्करण की मेजबानी भारत कर रहा है।
पिथौरागढ़ में चल रहे अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक अपने-अपने अनुभव साझा करने के साथ एक-दूसरे की रणनीतिक और सैन्य कार्यप्रणाली को समझ रहे हैं। प्रशिक्षण का फोकस ऐसी परिस्थितियों पर है जिनका सामना सैनिकों को अर्ध-शहरी और पर्वतीय क्षेत्रों में अभियान के दौरान करना पड़ सकता है।अभ्यास के जरिए दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों को भी मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। संयुक्त सैन्य अभ्यास सैनिकों को न केवल नई तकनीकों और रणनीतियों को समझने का अवसर देता है, बल्कि अलग-अलग सैन्य प्रणालियों के बीच बेहतर समन्वय विकसित करने में भी मदद करता है।
भारत और मंगोलिया के बीच रक्षा सहयोग में ‘नोमैडिक एलिफेंट’ को महत्वपूर्ण माना जाता है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस अभ्यास से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के साथ लंबे समय से चले आ रहे आपसी विश्वास और मित्रता के संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।3 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभ्यास में आने वाले दिनों में भी कई संयुक्त सैन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सैनिकों को अलग-अलग ऑपरेशनल परिस्थितियों में प्रशिक्षण देने के साथ उनके बीच तालमेल और संयुक्त कार्रवाई की क्षमता को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।नोमैडिक एलिफेंट 2026’ के 18वें संस्करण में हथियार संचालन, फायरिंग, रूम इंटरवेंशन, घेराबंदी और तलाशी अभियान से लेकर ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और साइबर सुरक्षा तक कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारत और मंगोलिया के सैनिकों का यह संयुक्त अभ्यास दोनों देशों के सैन्य सहयोग और आपसी समझ को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में जारी है।