Delhi दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NXT समिट में कहा कि किसी भी देश के विकास का बड़ा आधार यह है कि वह चुनौतियों का सामना कैसे करता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां अचानक बदलती रहती हैं और हाल के वर्षों में भारत ने कई कठिन दौर देखे हैं। इसके उदाहरण के तौर पर उन्होंने COVID-19 महामारी, रूस-यूक्रेन संकट और वर्तमान ऊर्जा संकट का उल्लेख किया।
पीएम मोदी ने बताया कि वर्तमान में विश्व एक बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, जिसका असर हर देश पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि संकट के समय पूरे देश के लिए यह एक परीक्षा होती है। इस दौरान शांति और सब्र के साथ हालात से निपटना बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से मिलकर काम करने, लोगों का भरोसा बढ़ाने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के हर क्षेत्र—राजनीति, मीडिया, सामाजिक संस्थाएं, उद्योग, युवा, गांव और शहर—को इसमें अपनी अहम भूमिका निभानी होगी।
मोदी ने कहा कि COVID-19 महामारी के दौरान जब सभी मिलकर काम करते थे, तब देश की मुश्किलों से उबरने की क्षमता तेज़ी से बढ़ी। आज देश एक और चुनौती का सामना कर रहा है, और इसका समाधान भी समान दृष्टिकोण से करना होगा। उन्होंने सभी से अपील की कि वे देश के हितों को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और सक्रियता के साथ निभाएं।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि संकट में देश की मजबूती और विकास का आधार एकता, सब्र, जागरूकता और सामूहिक प्रयास हैं। उन्होंने सभी नागरिकों, संस्थाओं और नेताओं से मिलकर काम करने और देश को स्थिरता और प्रगति की ओर आगे ले जाने का संदेश दिया।