Delhi दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय जनसंघ के प्रमुख वैचारिक नेताओं में शामिल पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में भक्ति संगीत के माध्यम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद किया गया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने उनके ‘अंत्योदय’ के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को राष्ट्र निर्माण का आधार माना था। उन्होंने लोगों से उपाध्याय के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करते हुए सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों को निभाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर निरंतर प्रयास, साहस और कर्म के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया। उन्होंने कहा कि सफलता और नवाचार केवल भाग्य से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास और नए विचारों को वास्तविकता में बदलने के संकल्प से संभव होते हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। वह भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं में से एक थे और उन्होंने ‘एकात्म मानववाद’ तथा ‘अंत्योदय’ जैसे विचारों को राजनीतिक-सामाजिक विमर्श में प्रमुखता दी। जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी के साथ भक्ति और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और योगदान को याद किया गया।