PM मोदी ने Intel CEO से सेमीकंडक्टर विकास पर की चर्चा

विशेषज्ञों

Update: 2025-12-09 17:47 GMT
Delhi दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Intel के CEO Mr. Lip-Bu Tan से हाल ही में मुलाकात की और भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग में Intel के योगदान और निवेश की प्रतिबद्धता का स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों पक्षों ने तकनीकी नवाचार, डिजिटल अवसंरचना और भारत के युवाओं के लिए अवसर को लेकर विस्तृत चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात के दौरान कहा कि Intel का भारत में निवेश देश के सेमीकंडक्टर और उच्च तकनीक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत अपने युवाओं को तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में प्रशिक्षण और अनुभव प्रदान करने के लिए तत्पर है, जिससे एक इनोवेशन-ड्रिवन भविष्य तैयार किया जा सके।
Intel के CEO Lip-Bu Tan ने भी भारत के विकासशील सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में योगदान करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि Intel भारत के तकनीकी युवा प्रतिभाओं के साथ मिलकर नए उत्पादों और नवाचार में कार्य करेगा, जिससे देश में तकनीकी क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि Intel का यह कदम भारत के मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया मिशन को और मजबूत करेगा। भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के साथ-साथ कंपनी स्थानीय तकनीकी स्टार्टअप्स और नवाचार केंद्रों के सहयोग से उच्च तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा देगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि भारत का युवा वर्ग तकनीकी और नवाचार में विश्व स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने की क्षमता रखता है, और Intel जैसी अग्रणी कंपनियों के सहयोग से यह क्षमता और विकसित होगी। उन्होंने आशा जताई कि Intel का अनुभव और मार्गदर्शन भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार और निवेश को सुनिश्चित करेगा।
Intel और भारत सरकार के बीच यह सहयोग उद्योग, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में रणनीतिक भागीदारी को मजबूत करेगा। इससे न केवल भारत में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि देश वैश्विक तकनीकी बाजार में अग्रणी स्थान हासिल कर सकेगा। Intel का भारत में निवेश चिप उत्पादन, डिज़ाइन और अनुसंधान के साथ-साथ नई तकनीकी परियोजनाओं को गति देगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात के दौरान कहा कि यह कदम भारत को विश्वस्तरीय सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इस मुलाकात से संकेत मिलता है कि भारत और Intel के बीच तकनीकी सहयोग, नवाचार और शिक्षा में साझेदारी का नया अध्याय शुरू होने वाला है। यह पहल न केवल भारत की उच्च तकनीक क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि देश के इनोवेशन-ड्रिवन भविष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी।
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