स्कूलों को फंड, बच्चों को पौष्टिक भोजन, CM शुभेंदु अधिकारी ने किए कई बड़े ऐलान
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के विकास को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य के 80,375 सरकारी, सहायता प्राप्त और प्रायोजित स्कूलों के खातों में नेट बैंकिंग के माध्यम से कुल 296.64 करोड़ रुपये की राशि स्थानांतरित कर दी गई है। सरकार का कहना है कि यह राशि समग्र अनुदान के तहत जारी की गई है, जिससे स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार, रखरखाव और शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। इस फैसले को राज्य के शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों की संख्या को देखते हुए यह राशि भले ही बहुत बड़ी न लगे, लेकिन लंबे समय से वित्तीय संसाधनों की कमी से जूझ रहे शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह बेहद जरूरी सहायता है। उन्होंने कहा कि इस अनुदान से स्कूलों को दैनिक संचालन, मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्यों में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और विद्यार्थियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
शुभेंदु अधिकारी ने इस दौरान पिछली सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते तीन वर्षों में नीतिगत विफलताओं, प्रशासनिक उदासीनता और अहंकार के कारण राज्य के शैक्षणिक संस्थानों को पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पाए। उनके अनुसार, इसका असर स्कूलों की व्यवस्थाओं और छात्रों की पढ़ाई पर भी पड़ा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि स्कूलों को मिलने वाले समग्र अनुदान का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करती है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के साझा सहयोग से शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाया जा रहा है ताकि स्कूलों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के पोषण को लेकर भी एक नई पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि एक पायलट परियोजना के तहत कोलकाता और उसके आसपास के क्षेत्रों के कुछ स्कूलों में इस्कॉन (ISKCON) कोलकाता द्वारा मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस भोजन को सात्विक और पौष्टिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि बच्चों को स्वस्थ और संतुलित आहार मिल सके। सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण भोजन से बच्चों के स्वास्थ्य के साथ-साथ उनकी पढ़ाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्याह्न भोजन के साथ विद्यार्थियों को स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से अंडे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे बच्चों को पर्याप्त प्रोटीन मिलेगा और उनका पोषण स्तर बेहतर होगा। सरकार का लक्ष्य है कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को संतुलित भोजन मिले, जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक विकास की जरूरतें पूरी हो सकें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पोषण का भी उतना ही महत्व है। इसी सोच के तहत सरकार शिक्षा और पोषण दोनों क्षेत्रों में एक साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलेगा तो उनकी उपस्थिति, एकाग्रता और सीखने की क्षमता में भी सुधार आएगा।
इस बीच मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और डॉक्टरों के लिए बेहतर कार्य वातावरण तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। हाल ही में राज्य के 100 नीट टॉपर्स के सम्मान समारोह में उन्होंने कहा था कि सरकार ऐसा स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना चाहती है, जहां डॉक्टर बेहतर सुविधाओं के साथ काम कर सकें और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक सुधार करना है। स्कूलों को वित्तीय सहायता, विद्यार्थियों के लिए पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार जैसे कदम इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन पहलों से शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होगा और भविष्य में पश्चिम बंगाल की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी।